EOW ने DHL इंफ्रांबुल्स डायरेक्टरों पर धोखाधड़ी का प्रकरण किया दर्ज,इधर डायरेक्टर संतोष सिंह का कहना तथाकथित लोग मुझे बदनाम करने की कर रहे साजिशें,मेरे पास है कालोनियों का पूर्णता प्रमाण पत्र,अपर कलेक्टर को अनुरोध पत्र भी है भेज दिया
DHL इंफ्रांबुल्स पर धोखाधड़ी का मामला,
डायरेक्टर संतोष सिंह का कहना कहानी सिर्फ मनगढ़ंत, पीथमपुर की है कॉलोनी, MPIDC से पूर्णता प्रमाण पत्र भी है मेरे पास,तथाकथित लोग मुझे बदनाम करने की कर रहे साजिशें।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा DHL इंफ्रांबुल्स रियल एस्टेट कंपनी के डायरेक्टर संतोष सिंह ,संजीव जायसवाल,और अनिरुद्ध देव के खिलाफ धारा 420,467,468,4710 और 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज किया हैं। दरअसल संतोष सिंह सहित अन्य डायरेक्टर पर आरोप है कि पीथमपुर स्थित आइकॉन्स लैंडमार्क एक और आइकॉन्स लैंडमार्क दो कॉलोनी के बंधक भूखंडों में से 15 भूखंड अन्य किसी और को बेच दिए, वह भी पूर्णता प्रमाण पत्र लिए बिना। और किसी अनुमति के बिना। दरअसल उक्त पूरे मामले को लेकर DHL इंफ्रांबुल्स रियल एस्टेट कंपनी के डायरेक्टर संतोष सिंह ने चर्चा में कहा कि यह मात्र तथाकथित कुछ लोगों की साजिशें हैं। जिसके तहत ऐसे ब्लैकमेलर टाइप के लोग उन्हें बदनाम करने की नाकाम कोशिशें कर रहे हैं। संतोष सिंह ने कहा कि उक्त दोनों ही कालोनियों में उनके अधिकार क्षेत्र में कई अन्य और भी भूखंड हैं। रही बात अनुमति की तो संतोष सिंह ने कहा कि उक्त कॉलोनी क्षेत्र पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में आता हैं और उन्होंने MPIDC से पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया है। जिसकी प्रति भी उन्होंने उपलब्ध करवा दी हैं।
मैने अनुरोध पत्र दे दिया है इसके पूर्व भी हुई साजिशें

चर्चा में संतोष सिंह ने बताया कि उक्त ऐसे मामले एक पूर्व से चले आ रहे हैं। कुछ तथाकथित लोग उन्हें बदनाम करने की नियत से ऐसे कृत्य करते आ रहे हैं। EOW के पूर्व लोकायुक्त में भी ऐसी फर्जी शिकायतें हुई हैं। जिनका प्रति उत्तर देने पर वह प्रकरण नियम अनुसार समाप्त भी हो गए हैं। सिंह ने कहा कि उन्होंने उक्त मामले को लेकर भी इंदौर अपर कलेक्टर कॉलोनी सेल के यहां अनुरोध पत्र देते हुए अपना पक्ष भी रख दिया हैं।
मेरे पास अन्य और हैं भूखंड तो में ऐसे भूखंड क्यों बेचूंगा।

चर्चा में DHL इंफ्रांबुल्स डायरेक्टर संतोष सिंह ने कहा कि उक्त दोनों ही टाउनशिप में मेरे पास अन्य और भी बहुत से भूखंड है,उक्त बंधक भूखंडों को लेकर मेरे स्टॉफ की कोई भूल हो सकती है। लिहाजा यह कोई सोची समझी योजना अंतर्गत भूखंडों को विक्रय नहीं किया गया हैं।