निगमायुक्त को शहर के उद्यानों की चिंता,दो नंबर में उद्यानों में बनी मल्टिया,तो राऊ विधानसभा क्षेत्र में उद्यान पर कब्ज़ा,इसके अलावा शहर के बगीचों पर अवैध निर्माण,अतिक्रमण की भरमार।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर की पूर्व महापौर रही उमा शशि शर्मा ने अपने कार्यकाल में शहर की अलग अलग क्षेत्रों के 100 बगीचों को गोद लेते हुए उन्हें नीम सिटी ग्रीन सिटी की तर्ज पर विकसित करने का बीड़ा उठाया था। लेकिन जैसे ही मेयर उमा शशि शर्मा का कार्यकाल पूरा हुआ। नगर निगम की उक्त योजना भी बस्ते में बंद हो गई। इसके बाद नगर निगम के ऐसे चिन्हित उद्यानों में कब्जा हो गया, कहीं अतिक्रमण तो इसके साथ ही तमाम नियमों को ताक पर रखते हुए ऐसे बगीचों में बहुमंजिला इमारतों का तक निर्माण हो गया। लेकिन नगर निगम के जिम्मेदार तत्कालीन निगम आयुक्त,अपर आयुक्त,और भवन अधिकारी ये होते हुए देखते रहे। लेकिन बगीचों में बहुमंजिला निर्माण को कोई रोक नहीं सका। दरअसल विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो के कई ऐसे बग़ीचे है जहां कब्जे से लेकर बहुमंजिलाओं का बेखौफ निर्माण हो गया हैं।
सुखलिया,परदेशीपुरा क्षेत्रों में कब्जा और निर्माण।

पूर्व मेयर उमा शशि शर्मा के कार्यकाल में जिन बगीचों को नीम सिटी ग्रीन सिटी योजना के तहत चिन्हित किया गया था। उन ऐसे बगीचों जिनमें सुखलिया,परदेशीपुरा, इलाके के उद्यान प्रमुख है जहां अब कब्जा होते हुए वहां मल्टिया तान दी गई हैं। लेकिन कार्यवाही के नाम पर जिम्मेदारों ने हमेशा से ही चुप्पी साधे हुई हैं।
राऊ विधानसभा के आदित्य नगर में भी कब्जा।

इधर विधानसभा क्षेत्र राऊ के खंडवा रोड स्थित आदित्य नगर के रहवासी बग़ीचे पर भी तथाकथित लोगों ने कब्जा जमा लिया हैं। लेकिन नगर निगम की और से कोई भी ठोस कार्यवाही होना बिल्कुल भी संभव नहीं हो पा रहा हैं। जबकि खास बात ये है कि वर्तमान महापौर पुष्यमित्र भार्गव और स्थानीय विधायक मधु वर्मा ने उक्त आदित्य नगर के बग़ीचे के विकसित करने की योजना तक पर मुहर लगा दी है। आदित्य नगर बग़ीचे के लिए बजट तक पास हो गया हैं लेकिन नगर निगम के जिम्मेदार उक्त बगीचे से अतिक्रमण हटाने में नाकामयाब साबित हो रहे हैं।
निगम कमिश्नर का सख्त रुख लेकिन अमला सुस्त।

शहरभर के बगीचों को लेकर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव ने उद्यान विभाग के जिम्मेदारों को सख्त हिदायत दी है कि अब बगीचों से कब्जा,अवैध निर्माण, के लिए सख्ती से निपटा जाएं। लेकिन निगम उद्यान विभाग के जिम्मेदारों की कार्यशैली की बात की जाए तो वह निगमायुक्त की हिदायतों के बावजूद भी हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ हैं। वहीं दूसरी तरफ निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव खुद अब शहर में भ्रमण करते हुए ऐसे मामलों पर खुद ही संज्ञान लेने के मूड में हैं क्योंकि उनका मानना है कि शहर की खूबसूरती को संवारने में शहरभर के उद्यानों का विशेष योगदान होता हैं।