Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE कांड हो जाते हैं,जिम्मेदार समिति प्रभारियों को मिलती है छूट,कार्यवाही की बजाय महंगी गाड़ियां ... INDORE नगर निगम मार्केट विभाग की उदासीनता,खतरे में आमजनता की जान,मेयर का कहना PRJ OOH हो या सुपीरियर... INDORE नशे के खिलाफ एकजुट पूरा शहर,इंदौरी,क्रिकेटर,पूरे पुलिस विभाग ने नशे के खिलाफ लगाई दौड़। INDORE हवा में ही उड़ा ऑक्सीजन पार्क,अब एक पेड़ मां के नाम,नगर निगम की बजट खुटाओ योजना जारी,निगमायुक... INDORE न्यूज़ WITH तड़का डॉट कॉम की ख़बर का असर,टूटेगा दौलतगंज का अवैध निर्माण! महापौर सख़्त, किसी भी... INDORE कनाडिया पुलिस के हाथों लगा, अवैध शराब तस्कर गिरोह,पूछताछ में इंदौरी शराब ठेकेदार की खुल सकती ... INDORE 23 सालों का इंतजार हुआ ख़त्म,निगम अधिकारियों को महापौर ने दी सौगात,अधिकारियों ने कहा उन्हें उ... INDORE जिम्मेदार दौरे, निरीक्षण,मीटिंगों में व्यस्त, शहर को बनाया अंधेरनगरी,साबित हो रहे चौपट राजा,ज... INDORE पुलिस का नशा मुक्ति अभियान बना जनजागरूकता का विषय, सड़कों से घरों तक नशे के दुष्परिणामों पर ह... INDORE आईडीए में जनसुनवाई की शुरुआत के बाद सीईओ का एक और नया नवाचार,तीन दिवसीय शिविर में सैकड़ों भूख...

IDA संपदा शाखा का उजागर एक और खेला,फर्म आवंटित भूखंड में डायरेक्टर बदलाव में फंसाते है स्टांप ड्यूटी का पेंच,जबकि नियम कहते और कुछ बात,सेवा शुल्क नहीं मिलने पर हितग्राही को करते परेशान।

0 409

फर्म को IDA से आवंटित भूखंड के डायरेक्टर बदलने के नाम पर संपदा शाखा में खेला,जो उनका काम नहीं संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव उसे लेकर फंसाते है पेंच। हितग्राही होते रहते परेशान,सेवा शुल्क अदा करने पर स्टांप ड्यूटी की नहीं पूछी जाती बात।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर

इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा प्रभारी मनीष श्रीवास्तव की कारस्तानियों को उजागर करने की मुहिम को लेकर संपदा अधिकारी और संपदा शाखा से प्रताड़ित लोगों की लंबी फेहरिस्त खुलती जा रही हैं। दरअसल संपदा शाखा में नामांतरण,लीड रेंट,रजिस्ट्री और फ्री होल्ड के प्रकरणों को लेकर तो आम व्यक्ति जूते घिसते रहता हैं। लेकिन अब ऐसे मामले में सामने आ रहे हैं। जिसे लेकर संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव की रिश्वतखोरी की परते खुलती जा रही हैं। दरअसल वह इसलिए क्योंकि इंदौर विकास प्राधिकरण से फर्म के नाम पर आवंटित भूखंड़ों के डायरेक्टर बदलने के नाम पर संपदा शाखा में बड़ा खेला चल रहा हैं। जिसे लेकर आवंटित प्लाट की कीमत के दो प्रतिशत स्टॉप ड्यूटी जमा करे जाने की संपदा शाखा प्रभारी श्रीवास्तव ऐसे डायरेक्टर पर दबाव बनाते हैं या फिर उनसे उनकी सेवा शुल्क अदा किए जाने पर यह दो प्रतिशत स्टॉप ड्यूटी एडजस्ट करने की बात करते हैं। अगर वो व्यक्ति सेवा शुल्क का भुगतान नहीं करता है तो उसे महीनों तक छोटे से काम के चक्कर पर चक्कर कटवाए जाते हैं।

क्या है मामला।

न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम के पास संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव की जादूगरी के ऐसे ही मामले हाथ लगे हैं। जिसके तहत IDA द्वारा फर्म के नाम पर आवंटित भूखंड के डायरेक्टर बदलने पर स्टॉप ड्यूटी पंजीयन कार्यालय में जमा करने की बात कही जाती हैं। पंजीयन शाखा को पत्र तक लिखा जाता हैं जिसके आधार डायरेक्टर बदलने वाली फर्म संचालक बेवजह परेशान होते रहते हैं।

क्या कहते है नियम

न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम को हाथ लगे एक मामले के अनुसार विधि विशेषज्ञों और ida के जानकारों का कहना है कि फर्म के नाम पर इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित भूखंड के डायरेक्टर के नाम बदलने पर संबंधित व्यक्ति को स्टॉप ड्यूटी भुगतान का कोई प्रावधान ही नहीं हैं। जबकि इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा प्रभारी द्वारा पंजीयन कार्यालय में पत्र लिखते हुए इसकी जानकारी भी मांगी जाती हैं। सुझाव तक दिया जाता है जबकि इसे लेकर नियम कहते है कि फर्म के डायरेक्टर बदलने के एवज में किसी भी तरह की स्टॉप ड्यूटी अदा नहीं की जाती हैं। वहीं दूसरी तरफ फर्म के डायरेक्टर पद छोड़कर दूसरा डायरेक्टर बदलने पर यह पूरी प्रक्रिया आपसी रहती है इसमें इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा का कोई लेना देना नहीं हैं। लिहाजा संपदा शाखा प्रभारी श्रीवास्तव ऐसे आपसी मामलों में भी हस्तक्षेप करते है। ताकि उनका उल्लू सीधा हो जाए।

नियम नहीं लेकिन ये हो रहा खेला

दरअसल किसी भी फर्म के डायरेक्टर को बदलने के लिए स्टॉप ड्यूटी भुगतान किए जाने का कोई प्रावधान ही नहीं हैं लेकिन संपदा शाखा प्रभारी मनीष श्रीवास्तव ऐसे मामलों में सिर्फ ये पेंच इसीलिए फंसाते है ताकि उनका मतलब सिद्ध हो जाएं। क्योंकि अगर कोई व्यक्ति स्टांप ड्यूटी का भुगतान भी कर देता है और संपदा अधिकारी की सेवा नहीं करता है तो फिर उसे अंतरण शुल्क की भी डिमांड की जाती हैं। सीधी बात बोली जाए तो उस व्यक्ति को सेवा शुल्क अदा नहीं करने के एवज में स्लग अलग शुल्कों के नाम पर गड्ढे में डाला जाता है।

न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम के हाथ लगे हैं ऐसे दर्जनों मामले,जिनमें ली गई भारी भरकम रिश्वत। जिनका सिलसिलेवार होगा खुलासा।

न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम के हाथ ऐसे दर्जनों मामले हाथ लगे है जिनमें ऐसे ही उलझाकर, भारी भरकम रिश्वत ली गई हैं जिनका खुलासा अब रोजाना सिलसिलेवार किया जाएगा। ताकि आप भी इस बात से अवगत हो सके कि संपदा शाखा में किस तरह से भ्रष्टाचार व्याप्त है और बिना रिश्वत के सीधे काम को भी कितना उलट पलट कर दिया जाता हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!