चंदन नगर नामकरण मामला,MIC में गूंजा,लेकिन नतीजा सिफ़र,भाजपा पार्षद ने उठाया मामला,लेकिन दोषियों की बहाली पर जिम्मेदार चुप्प।
चंदन नगर नामकरण मामला,
एमआईसी में गूंजा,हुआ सिर्फ शोर,लेकिन नतीजा सिफ़र,सात दिन गुजरने के बावजूद दिवाली का रॉकेट निकला जो फुस्स।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
चंदन नगर नामकरण मामले को लेकर लगभग सभी भाजपा पार्षद और एमआईसी सदस्य मामले में सामने आए निगम अधिकारी वैभव देवलासे और मनीषा राणा की बहाली के खिलाफ थे। लिहाजा यह मामला पिछली 9 अक्टूबर को आयोजित नगर निगम परिषद बैठक में खुद वार्ड नंबर एक के पार्षद महेश चौधरी ने उठाया भी था। भाजपा पार्षद चौधरी द्वारा उठाए गए चंदन नगर नामकरण मामले को लेकर निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव सहित मामले की जांच कर रहे अपर आयुक्त को घेरा भी था। लिहाजा उक्त मामले को लेकर अगले सात दिनों में जांच पूरी करने और दोषियों पर ठोस कार्यवाही का आश्वासन देते हुए भाजपा पार्षद को शांत तो कर दिया गया। लेकिन कुल 13 दिन गुजरे जाने के बावजूद भी न ही मामले में शामिल अधिकारियों पर किसी भी तरह कार्यवाही नहीं करना। अब तरह तरह के सवालों को जन्म दे रहा हैं।
महापौर की भी नहीं चली।

इधर परिषद बैठक में हंगामा होते देख खुद इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सुझाव दिया था कि सरकार विरोधी कार्य करने वाले ऐसे अधिकारियों की बहाली तो ठीक जांच पूरी नहीं होने तक ऐसे अधिकारियों से कार्य तक नहीं करवाया जाएं। लेकिन चंदन नगर नामकरण मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव की भी एक नहीं चली। बल्कि उक्त मामला समय गुजरते गुजरते ठंडा करने के भरपूर कोशिशें की जा रही हैं।
जांच पूरी नहीं फिर भी नियम विरुद्ध बहाली।

इधर निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव द्वारा निगम अधिकारी वैभव देवलासे और मनीषा राणा की चलती जांच के बीच बहाली कर दी गई। जबकि इन्हें क्रीम जोनल का प्रभार तक दे दिया गया। लेकिन परिषद बैठक में उक्त मामला उठने के बावजूद इन अधिकारियों का कोई बाल बांका तक नहीं कर पा रहा हैं।