वाह नगर निगम बीओ- बीआई,पांच मंजिला इतनी खतरनाक बिल्डिंग नहीं दिखी,भरभराकर सोमवार को धराशाई,कलेक्टर,पुलिस कमिश्नर और मेयर ने संभाला मोर्चा,नहीं तो चले जाती आधा दर्जन से ज्यादा जान।
वाह नगर निगम बीओ, बीआई,इतनी खतरनाक पांच मंजिला बिल्डिंग आपको न दिखी।
वो तो गनीमत रही कि मेयर,कलेक्टर ,पुलिस कमिश्नर सहित निगम अमले ने तत्परता दिखा दी। नहीं तो आधा दर्जन से ज्यादा बन जाते काल का ग्रास।
बिल्डिंग शाखा,रिमूवल अमले की घोर लापरवाही आई सामने।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
शहर के रानीपुरा स्थित एक पांच मंजिला बिल्डिंग भरभराकर गिर पड़ी। देखते ही देखते पांच मंजिला इमारत मलबे में तब्दील हो गई। लेकिन उक्त खतरनाक इमारत ने नगर निगम के भवन अधिकारी,भवन निरीक्षक और रिमूवल अमले की पोल खोलकर रख दी। क्योंकि प्रतिवर्षानुसार हर वर्ष नगर निगम भवन अधिकारी अपने अपने क्षेत्रों के खतरनाक मकान चिन्हित करते हुए उन्हें बारिश के पूर्व ही जमींदोज करवा देते थे। लेकिन नवरात्रि के पहले दिन रानीपुरा का यह पांच मंजिला मकान किसी को नहीं दिखा। वो तो गनीमत रही कि समय रहते राहत कार्य शुरू हो गया नहीं तो आधा दर्जन से ज्यादा लोग फिर लापरवाहियों का शिकार बन जाते।
रिमूवल अमला भी कुछ कम नहीं।
इधर भवन अधिकारी और भवन निरीक्षकों के नगर निगम रिमूवल अमला भी कुछ नहीं हैं। क्योंकि रिमूवल अमला फोटोबाजी के लिए एक दो मकान धराशाई कर उक्त मुहिम से इतिश्री कर लेता हैं।
समय रहते पहुंचे जिम्मेदार भी।
वार्ड 60 के कोष्टी मोहल्ले स्थित मकान के गिरने की सूचना जैसे ही महापौर पुष्यमित्र भार्गव को लगी वह मौके पर पहुंच गए। इसके अलावा कलेक्टर शिवम वर्मा,इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह, सहित अन्य अधिकारी और नेता भी समय रहते पहुंच गए थे। इसके चलते तीनों विभागीय अमले के बने समन्वय के चलते राहत कार्य व्यवस्थित चला और कुल तेरह लोगों में से 10 को आसानी से निकाल लिया गया। हालांकि अन्य तीन मलबे में दबे हुए लोगों को निकालने की मशक्कते काफी देर तक जारी रही।