इंदौर में दो मामले,इन्होंने बताई पुलिस की सच्चाई!एक तरफ एक लाख की रिश्वत,तो दूसरा “नो एंट्री में इंट्री से बेगुनाहों की गई जान” दर्दनाक हादसा,गमगीन और नाराज़ शहर।
आज़ाद नगर के सब इंस्पेक्टर राजपूत ने एक लाख लेते हुए किया जाहिर रिश्वत चलती है,इधर एरोड्रम थानांतर्गत बड़ा दर्दनाक हादसा,नो एंट्री में बेख़ौफ़ ट्रकों की इंट्री,और जान गंवाए बेचारी जनता,जिम्मेदारों की मुलाकातों की बाढ़। ठोस कार्यवाही की उठ रही मांग।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर शहर में रिश्वतखोरी के दो मामले ऐसे हुए कि पूरे पुलिसिया सिस्टम पर एक बार फिर सवाल दागे जा रहे हैं। क्योंकि सोमवार का दिन कुछ ऐसा ही घटित हुआ। क्योंकि एक तरफ़ आज़ाद नगर थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र राजपूत एक लाख की रिश्वत लेते लोकायुक्त के हाथों रंगेहाथों पकड़ाता हैं। तो दूसरी तरफ एरोड्रम थाना,मल्हारगंज थाना क्षेत्र अन्तर्गत नो एंट्री में बेख़ौफ़ ट्रकों की इंट्री की पोल नशे में मद मस्त ट्रक ड्राइवर ने खोलकर रख दी हैं।

क्योंकि एरोड्रम थाना क्षेत्र अन्तर्गत दर्दनाक हादसा था ही ऐसा। जिसने देखा जिसने सुना उसकी रूहें कांप गई। इधर अब क्षेत्र के ही स्थानीय रहवासी बताते है कि मल्हारगंज, कैलाशमार्ग, कड़ाबिन, बड़ा गणपति स्थित व्यापारियों के गोडाउन हैं। जिनमें बेरोकटोक रोजाना दर्जनों ट्रक आते जाते हैं। जिन्हें न कोई रोकटोक हैं,न कोई फ़िक्र। और यहीं स्थानीय लोग बताते हैं कि बिना चाय पानी सेवा के ऐसा होना मुनासिब नहीं हैं। लेकिन पुलिसिया इस तरह की कार्यशैली की वजह से अब लोगों का गुस्सा उबल गया हैं। और लोग अब उक्त इतने गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदारों से ठोस निकाल की मांग उठा रहे हैं। ताकि भविष्य में अब ऐसा भयावह, दिलदहला देने वाला हादसा दोबारा न हो। वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार जिनमें जनप्रतिनिधि हो हो या अधिकारी उनकी घायलों और परिजनों से मेल मुलाकात की हौड मच गई हैं।
सबसे पहले मालिनी भाभी।

इधर शिक्षक नगर से लेकर बड़ा गणपति चौराहा तक जिस तरह से उक्त ट्रक ड्राइवर ने तांडव मचाया। उसमें हताहत हुए लोगों को देखने चार नंबर विधायक मालिनी गौड अस्पताल पहुंची उन्होंने पहुंचते ही सबसे पहले घायलों और उनके परिजनों को ढांढस बांधी।
महापौर भी पीछे नहीं,घटनास्थल का अवलोकन।
जैसे ही हादसे की खबर शहर में चली वैसे ही इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि अब घटना की ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी। और मरीजों परिजनों से मुलाकात करने के साथ ही पूरे घटनाक्रम की प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारियां भी ली।

प्रभार जिले से खुद की विधानसभा में मीटिंग छोड़कर आए विजयवर्गीय।
17 सितंबर को धार जिले के बदनावर में पीएम मित्रा पार्क को लेकर कार्यकम आयोजित किया जा रहा हैं। इसी को लेकर धार जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय वहां उक्त कार्यक्रम को लेकर जारी मीटिंग में बैठे थे। लेकिन विजयवर्गीय को अपनी विधानसभा ने इतने भयावह हादसे की जानकारी लगी। मंत्री और स्थानीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय इंदौर पहुंचे।
RTO विभाग पर भी सवाल

शिक्षक नगर में हुए इस हादसे की वजह से अब इंदौर परिवहन विभाग पर भी उनकी मिलीजुली कार्यशैली की वजह से उंगलियां उठाई जा रही हैं। क्योंकि उक्त हादसे की वजह बना ट्रक अंधगति से शहरी सीमा में बेख़ौफ़ तय स्पीड लिमिट से दौड़ रहा था। बताया जा रहा है कि ट्रक की स्पीड 100 प्रतिकिमी से ज्यादा ही थी।
नपेगी तीन से ज्यादा थानों क्षेत्रों की पुलिस।
उक्त हादसे में गांधी नगर,बाणगंगा एरोड्रम और मल्हारगंज थाना पुलिस से जुड़े किरदार नपने के अनुमान लगाए जा रहे हैं क्योंकि उक्त इन सभी थाना क्षेत्रों से गुजरते हुए ही बड़ा गणपति चौराहा तक पहुंच गया।
सोशल मीडिया पर फुट रहा गुस्सा
जिस तरह से पुलिस, आरटीओ जैसे विभागों की मिलीभगत की वजह से शहर में इतना भयावह हादसा हो गया। लिहाजा अब उक्त हादसे के बाद सोशल पर मीडिया पर इन जिम्मेदारों के खिलाफ गुस्सा फूट रहा हैं। लोग दोषियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही की मांग उठा रहे हैं।