MYH, बच्चियों की मौत, कांग्रेसी रोज मना रहे मातम,जिम्मेदार हुए मानसिक दिवालिया,गैर इरादतन हत्या, FIR भूले जिम्मेदार।
बच्चियों की मौत नहीं हुई, एमवायएच प्रबंधन ने मैडल लेने का काम कर दिया हो।

कांग्रेसी रोज मना रहे मातम,हॉस्पिटल प्रबंधन जिम्मेदारों के मानसिक रूप से दिवालिया बयान। सरकार दोषियों पर क्यों नहीं करवा रही FIR दर्ज। दो बेजुबान बच्चियां जान गंवा भाषणवीर बयानबाजी कर रहे,जिम्मेदार बचते फिर रहे।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
मध्यप्रदेश की अस्तपालों, चिकित्सा,उपचार और लापरवाहियों के मामले में महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय ने महारथ हासिल की हैं क्योंकि इंदौर का MYH प्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल जो हैं। लिहाज़ा लापरवाहियों के मामले MYH कहा पीछे रहेगा। क्योंकि NICU में दो बेजुबान बच्चियां अस्पताल प्रबंधन जिम्मेदारों की बड़ी चूक,मानवीय जानबूझकर की गई गलती का शिकार हो गई। और यह दुनिया देखने से पहले ही काल का ग्रास बन गई। इधर उक्त बच्चियों के मामले में सरकार,विपक्ष कांग्रेस, या अस्पताल प्रबंधन के जिम्मेदारों की भूमिका की बात की जाएं तो कांग्रेस राजनीति के नाम पर रोजाना MYH पहुंची जाती हैं। मातम मनाने ताकि बेजुबान बच्चियां के नाम पर वह अपनी राजनीति चमका ले। इधर अस्पताल प्रबंधन की और से,अन्य डॉक्टरों की और से खुद अपने बचाव के लिए नित नए हथकंडे अपनाते हुए जो बयान उक्त मामले को लेकर दिए जा रहे हैं। वह शर्मनाक,निंदनीय, और अमानवीय हैं। जबकि सरकार की तरफ से बच्चियों के परिजनों को पांच पांच लाख का मरहम लगाकर अपना पल्ला झाड़ा जा रहा हैं। जबकि ऐसे मामले में अस्पताल के उन सभी जिम्मेदारों पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज होना चाहिए। ताकि मिसाल बने और लापरवाहों के लिए सीख कि मासूमों की जान से खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा।
चूहों ने उजागर की चूक। प्रबंधन डॉक्टर के बयान शर्मनाक।

MYH हॉस्पिटल में मासूम बच्चों को जो NICU में भर्ती हैं। जिनकी हालत पहले से नाजुक हैं। उन्हें लेकर MYH के जिम्मेदार कितने गंभीर हैं उन्हें मासूमों की जान की कितनी परवाह हैं यह उन चूहों ने उजागर कर दिया हैं। जो MYH के जिम्मेदारों की वजह से रोज़ाना बड़े बड़े गबरू हो रहे हैं। इधर बच्चियों की मौत के बाद खुद की जान बचाने के लिए MYH प्रबंधन के जिम्मेदार नित नए दांवपेंच लगा रहे हैं। ताकि इतने बड़े गंभीर मुद्दे से वह बच निकले। जो शर्मनाक तो हैं ही साथ ही साथ इन प्रबंधन के जिम्मेदारों ने अपनी मानवीयता ही खो दी हैं।
कांग्रेसियों को सिर्फ अपनी राजनीति चमकानी।

इधर इस मामले को लेकर कांग्रेसी सिर्फ अपनी राजनीति को चमकाने की कोशिश कर रहे हैं।