जहां अन्य नेताओं के बेटे दबंगई,हल्की बातों में लीन, वहीं इंदौर महापौर भी दंग, बेटा देश की सोच रहा,सरकार सहित अन्य नेता भी प्रभावित। बड़ा हो गया हैं संघमित्र!
महापौर पुत्र, बना राजनीतिक हथियार,कांग्रेसियों को सोचना चाहिए,वह खुद ही एक अच्छा भाजपाई तैयार कर देते हैं। बेटे संघमित्र ने जिस तरह से अपनी दक्षता दिखाई,उससे नेता प्रभावित हुए नाराज़ नहीं। इसमें ख़ता क्या हुई। पुत के पांव पलने में देख लिए,पुष्यमित्र भार्गव ने!

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
जिस तरह संघमित्र जो कि इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे हैं। संघ मित्र ने जिस तरह से विपक्ष की भूमिका अदा करते हुए प्रखर वक्ता के रूप में अपनी पहचान दे दी हैं। जिसे लेकर भाजपा का हर वह नेता जो पुष्यमित्र भार्गव को जानता हैं। उसे देखकर पक्का हिंदूवादी नेता। छबि के चलते प्रभावित ही हुआ हैं। शैक्षणिक वाद विवाद प्रतियोगिता मे विपक्ष के तौर पर अपना पक्ष रखने में सफल संघमित्र ने अभी ३ दिन पहले शांति के मुद्दे पर भी अपना पक्ष रखा था। जिसे सुन श्रोताओं भी मंत्रमुग्ध हो गए थे। इस स्कूली छात्र संघमित्र ने जितनी बेबाकी और महारथ के साथ, अपने विषय पर अपना अभिमत रखा,यह प्रदर्शित करता हैं कि वह समझदार हो गया हैं। क्योंकि
आज जहां हर नेता पुत्र दबँगई और हल्की बातों में उलझा हुआ हैं। वहीं दूसरी तरफ संघमित्र देश की सोच रहा हैं।

जिस तरह से मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव सहित अन्य उपस्थित नेताओं ने संघमित्र को समझा। और इधर पिता यानी इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी दंग थे,चुप होकर सुन रहे थे।

क्योंकि जिस तरह से संघमित्र भार्गव ने उपस्थित सरकार को भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवा दी थी। इसका सारा श्रेय कांग्रेसियों को जाता हैं जो उन्होंने मुद्दा बनाया। और एक अच्छे भाजपाई का पर्दापण करवा दिया। खैर बात वहीं पिता इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव भी अब संतुष्ट हैं। बेटा समझदार हो गया।