कुर्सी मिल गई, लेकिन शहर-जिलाध्यक्ष को असल कांग्रेसियों के टोटे,दो नंबर नहीं छोड़ते चिंटू, तो विपिन वानखेड़े जिले में भटक भटक हुए परेशान।
शहर अध्यक्ष नहीं पच रहे,इधर जिले में भी विपिन में बुरे हाल,कांग्रेसी नहीं दे रहे भाव,दोनों अध्यक्ष परेशान कैसे होगी रस्म अदायगी।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े। अभी तो मजबूरी में ही सही। लेकिन एक दूसरे के सुर में सुर मिलाकर एक ही राग जीतू पटवारी का अलाप रहे हैं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ़ इधर जिले के कांग्रेसी हो या शहर के इन दोनों को भाव नहीं दे रहे हैं। क्योंकि अब पदभार ग्रहण सहित इन दोनों ही नेताओं ने मतदाता न्याय यात्रा निकालने की जो घोषणा कर दी हैं। कांग्रेसी इन दोनों ही नेताओं को भाव देने और थोपे गए नेताओं को अब अपना खुद का नेता मानने से कतरा रहे हैं।
जिले में खुद गए जिलाध्यक्ष,मगर नहीं मिली लिफ्ट।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष और जिला कांग्रेस अध्यक्ष में सबसे बुरे हालात विपिन वानखेड़े के है। क्योंकि उन्हें सांवेर, देपालपुर, महू, राउ के कांग्रेसी पचा नहीं पा रहे हैं। क्योंकि हाल ही में देपालपुर में कांग्रेसियों की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े को शामिल होना था। मगर उक्त मीटिंग अचानक एन वक्त पर निरस्त करनी पड़ी। क्योंकि यहां उक्त मीटिंग में गिनती के दर्जन भर भी कांग्रेसी शामिल नहीं हो रहे थे। लिहाजा जिलाध्यक्ष की व्यस्तता का हवाला देते हुए उक्त बैठक कैंसल कर दी गई।
चिंटू सिर्फ दो नंबर तक सीमित।

इसके अलावा शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे की बात की जाए तो जीतू पटवारी द्वारा चिंटू को शहर कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के पूर्व ही यह जग जाहिर था कि चिंटू कभी दो नंबर से बाहर ही नहीं आते हैं। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष की भूमिका की बात की जाए तो चौकसे को खुद का वार्ड और अपने दो अन्य साथी पार्षदों के अलावा और किसी वार्ड से लेना देना नहीं हैं। लिहाजा सिर्फ दो नंबर तक सीमित रहने वाले शहर कांग्रेस अध्यक्ष को अब भीड़ जुटाने में पसीने छूट रहे हैं। क्योंकि कई कांग्रेसी और दावेदार घर बैठ गए हैं।