कहानी गुलमर्ग की,सीलन,प्राकृतिक पेंटिंग,जीर्णशीर्ण इमारत,से नाराज़ रहवासियों ने घेरा PMAY अमले को,कनाडिया TI नहीं आते तो हो जाती पिटाई!
कहानी गुलमर्ग परिसर के
लाइट हाउस प्रोजेक्ट की,
घटिया निर्माण,
सीलन,
जलरिसाव,
कमजोर इमारत जो रहने योग्य नहीं,
उनकी नाराजी का शिकार नगर निगम इंदौर के PMAY अफसर कर्मचारी,थाना प्रभारी नहीं पहुंचते तो हो जाती पिटाई!

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर नगर निगम द्वारा बनाए गए गुलमर्ग परिसर के लाइट हाउस प्रोजेक्ट में दर्जनों धांधलियां,दर्जनों खामियां,अगर कोई बड़ा हादसा हो जाए तो कोई बड़ी बात नहीं, क्योंकि लाइट हाउस प्रोजेक्ट में उपलब्धियां तो दर्जनों खामियां ज्यादा हैं। लाइट हाउस प्रोजेक्ट दिखाई में पड़ रही हैं। शीट से लोहे के जाल पर खड़ी इमारत में सीलन की पेंटिंग बनाई गई जैसी लगती हैं। पूरी इमारत पर कौन सी जलप्रदाय लाइन कैसे है यह सीलन के कारण आई पेंटिंग बयान का रही हैं। उक्त इमारत में यह आसानी से देखा जा सकता हैं। लिहाजा लाइट हाउस प्रोजेक्ट से चिढ़कर दर्जनों नहीं सैकड़ों रहवासियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के कर्मचारियों को बार बार के आश्वासन झूठे दिलासे के बाद घेर लिया। PMAY के तहत बनाए गए उक्त प्रोजेक्ट प्लानिंग काफी गलत साबित हुई। खैर यह भूकंप रोधी बताया गया था। लेकिन कम समय में यह कुछ बारिश,गर्मी ठंड झेल पाया ऐसे इसके लाइट हाउस प्रोजेक्ट की बनी इमारतों के हो गए हैं। और यह इमारतें बहुत कम समय में ही जीर्णशीर्ण हो गई हैं।
नाराज़ रहवासियों ने घेरा,

अगर कनाडिया थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव,नहीं आते तो इंदौर नगर निगम प्रधानमंत्री आवास योजना के गैर जिम्मेदार कर्मचारी की पिटाई तक की नौबत बन गई थी। कनाडिया थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव ने बख़ूबी रहवासियों को समझाइश दी,कानून हाथ में नहीं लेने के साथ रहवासियों से घिर गए निगम कमर्चारियों जिनमें PMAY विभाग से संतोषी गुप्ता,जूनियर इंजीनियर अभिनव,को रहवासियों से संतोषजनक बात कर के मुक्त करवाया। लेकिन जिस तरह से पेयजल,घटिया इमारत,सीलन,कमजोर ढांचे से भयभीत लोगों को कनाडिया थाना प्रभारी डॉक्टर सहर्ष यादव ने संभाला बहुत अच्छे से किया। नहीं तो फिर बड़ी बात हो सकती थी।