मामला रीजनल पार्क टेंडर का,आम जनता को गुमराह कर रही कांग्रेस,दो करोड़ होगी नगर निगम की शुद्ध आय,तो फिर घाटे, धांधली की कहा आई बात।
मामला रीजनल पार्क रखरखाव के ठेके का।

जनता को गुमराह कर रही है कांग्रेस,प्रदर्शन के नाम पर सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने की पुरजोर कोशिश।

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटु चौकसे सहित अन्य कांग्रेस पार्षद सिर्फ शहर की आम जनता को गुमराह कर रहे हैं। दरअसल रीजनल पार्क के ठेके को लेकर जिस तरह से नेता प्रतिपक्ष चिंटु चौकसे माहौल बना रहे है, जबकि उसकी असल हकीकत यह है कि जिस ठेके को नगर निगम द्वारा मात्र दो करोड़ में दिए जाने का कांग्रेस मुद्दा बना रही है वह नगर निगम इंदौर की शुद्ध आय हैं। इसके अलावा नगर निगम को कोई अप्रत्यक्ष खर्च रीजनल पार्क को करना ही नहीं हैं। जबकि ठेका कंपनी ने रीजनल पार्क से संबंधित सभी जिम्मेदारियों को नगर निगम को खुद सशर्त टेंडर जमा किया हैं। तो इसी स्थिति में नगर निगम शुद्ध आय दो करोड़ कमाते हुए अपने अन्य खर्च बचा रही हैं।
यह है मामला

कांग्रेसी रीजनल पार्क के दिए दो करोड़ में ठेके को लेकर मुद्दा बना रहे हैं। जबकि रीजनल पार्क के रखरखाव, अन्य सभी खर्च मानते हुए उक्त टेंडर से नगर निगम को लाभ ही हो रहा हैं। जबकि अन्य खर्च और रीजनल पार्क की जिम्मेदारी भी अब नगर निगम को उठानी नहीं होगी। जो कि नगर निगम पिछले लंबे समय से उठा नहीं पा रहा था। लिहाजा अब निजी एजेंसी को देने के बाद नगर निगम का बड़ा सरदर्द कम हो गया है और शुद्ध दो करोड़ की आय भी शुरू हो जायेगीं।
आम जनता को मिलेगी राहत
रीजनल पार्क का ठेका देने के पीछे वजह बताई जा रही है खुद आम जनता ही उक्त ठेके से खुश है क्योंकि अब रीजनल पार्क को जिस तरह और भी ज्यादा विकसित करने की निगम की योजना है उससे रीजनल पार्क का रोमांच और बढ़ने वाला हैं। यहां सुविधाओं में वृद्धि होगी जो कि सीधे तौर पर आम जनता के पक्ष की पहल हैं।
20 करोड़ सिर्फ शगूफा

इधर नेता प्रतिपक्ष चिंटु चौकसे सहित अन्य कांग्रेसी पार्षद रीजनल पार्क को लेकर माहौल बना रहे है वह सिर्फ सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का एक हथकंडा मात्र है। क्योंकि अगर निगम रीजनल पार्क को अपने हाथ रखता है और उसमें खर्च करता है तो 20 करोड़ से ज्यादा का सालाना बोझ निगम खजाने पर पड़ रहा था। जिसे निगम परिषद ने कम करते हुए शुद्ध आय कमाने में तब्दील कर दिया हैं। लिहाजा कांग्रेस मात्र माहौल बनाने के अलावा कुछ नहीं कर रही हैं।