इंदौर पुलिस की पाठशाला,बदमाश कर रहे अपराधों से तौबा,अधिकारी पूछ रहे बच्चों को भी बनाओगे अपराधी,गुंडे हो जाते हैं शर्मसार।

✍️ प्रियंका शर्मा
इंदौर।
इन दिनों पुलिस की पाठशाला देशभर में चर्चाओं में हैं। क्योंकि इंदौर पुलिस का यह प्रयोग अपने आप में अनोखा हैं। जिसमें शामिल होने वाले बदमाश अब अपने ही परिजनों के सामने अपराध की दुनिया से तौबा कर रहे हैं। और आगे से किसी भी अपराध में शामिल नहीं होने की कसमें तक खा रहे हैं। क्योंकि पाठशाला में पुलिसगिरी का भी उदाहरण देखने को मिल रहा हैं। इस पुलिसगिरी के चलते अब किसी भी दादागिरी का कोई स्थान शेष नहीं रह रहा हैं।
जोन तीन में जारी

जोन तीन में पुलिस की पाठशाला लगातार लगाई जा रही हैं। इसमें खुद जोन तीन डीसीपी हसंराज सिंह,एडीसीपी राम स्नेही मिश्रा सहित एसीपी रुबीना मिजवानी, लगातार क्षेत्र के अपराध की दुनिया दे जुड़े बदमाशों को अपराध से तौबा करवा रहे हैं। जबकि इन बदमाशों से पुलिस तरह तरह के सवालों वाला प्रश्न पत्र सौंप रही हैं। और पुलिस के सवाल ऐसे है कि बदमाश भी भावुक हो जाते हैं। और आगे से अपराध नहीं करने तक की कसम खा रहे हैं।
पुलिस की सख्त हिदायद,अब किया अपराध तो खेर नहीं
पुलिस अधिकारी जिनमें डीसीपी हसंराज सिंह, एडीसीपी राम स्नेही मिश्रा,सहित एसीपी रुबीना मिजवानी क्षेत्र के बदमाशों को स्पष्ट चेतावनी भी दे रहे हैं कि अब पाठशाला का पाठ वह भूले तो फिर उनकी खेर नहीं होगी।
सकारात्मक पहल भी ज़रूरी

इधर पुलिस अधिकारियों की उक्त पाठशाला को लेकर खुद पुलिस अधिकारी बताते हैं कि किसी भी विषय में सकारात्मक तरीका अपनाया जाए तो उसके परिणाम भी अच्छे आते हैं। लिहाजा पुलिस द्वारा आयोजित बदमाशों की पाठशाला की वजह से क्षेत्र के अधिकांश बदमाश अब अपराध की दुनिया से दूर हो रहे हैं।