Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड की 2 सीटों पर 18 जून को मतदान; बीजेपी की एंट्री से बढ़ा सियासी पारा
रांची: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर 18 जून को होने वाले चुनाव से पहले राज्य की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की झारखंड इकाई ने घोषणा की है कि वह इस चुनाव में अपना एक उम्मीदवार जरूर उतारेगी। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बताया कि प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने 22 मई को 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी की थी, जिसमें झारखंड की ये दो सीटें शामिल हैं।
🗳️ JMM का आरोप: ‘BJP के पास नहीं है पर्याप्त संख्या बल’
बीजेपी के कदम के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने मोर्चा खोल दिया है। JMM महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ (विधायकों की खरीद-फरोख्त) की गंभीर आशंका जताई है। भट्टाचार्य का तर्क है कि विधानसभा में बीजेपी के पास केवल 21 विधायक हैं, जबकि दो सीटों के लिए जीत का गणित सत्ताधारी ‘इंडिया गठबंधन’ के पक्ष में ज्यादा मजबूत है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने दम पर जीत हासिल नहीं कर सकती, इसलिए वह विधायकों को प्रभावित करने या खरीदने की कोशिश कर सकती है।
📊 क्या है झारखंड विधानसभा का वास्तविक गणित?
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में वर्तमान दलीय स्थिति इस प्रकार है:
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इंडिया गठबंधन (सत्ता पक्ष): 56 विधायक (JMM-34, कांग्रेस-16, RJD-4, CPM-2)
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NDA (विपक्ष): 24 विधायक (BJP-21, LJP-1, JDU-1, AJSU-1)
बीजेपी के प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी का दावा है कि जीत के लिए आवश्यक 28 वोटों के आंकड़े तक वे अन्य सहयोगियों के साथ पहुंच जाएंगे। गौरतलब है कि ये सीटें शिबू सोरेन के निधन और दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हुई हैं।
⚖️ चुनाव की पारदर्शिता पर टिकी नजरें
राज्यसभा चुनाव की यह प्रक्रिया अब बेहद दिलचस्प हो गई है। जहाँ एक तरफ विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी और प्रदेश नेतृत्व एक सीट के लिए अपनी दावेदारी पक्की मान रहा है, वहीं दूसरी ओर JMM इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए चुनाव आयोग से सतर्क रहने की मांग कर रहा है। 18 जून को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि झारखंड के ऊपरी सदन में किसका दबदबा कायम रहता है।
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