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Mahasamund News: महासमुंद में केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता का बड़ा छापा; जोंक नदी से 2 चेन माउंटेन मशीनें और हाइवा जब्त

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महासमुंद: छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में राज्य सरकार के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा अवैध रेत उत्खनन (Sand Mining) एवं इसके अवैध परिवहन पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। खनिज माफियाओं के हौसले पस्त करने के लिए विभाग का मैदानी अमला पूरी सक्रियता के साथ संवेदनशील नदी घाटों पर चौबीसों घंटे निगरानी एवं जांच अभियान संचालित कर रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले में खनिज विभाग को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से किए जा रहे रेत के अवैध धंधे को बंद कराया गया है।

🕵️ सुबह-सुबह केंद्रीय उड़नदस्ता और जिला माइनिंग टीम का औचक छापा: बल्दीडीह रेत खदान में नियमों की उड़ रही थीं धज्जियां

मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता (Central Mining Squad) एवं महासमुंद जिला स्तरीय खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत सुबह-सुबह महासमुंद जिले में औचक निरीक्षण करने के लिए दबिश दी। टीम जब महासमुंद जिले की पिथौरा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बल्दीडीह पहुंची, तो वहां स्थित जोंक नदी (Jonk River) के घाट पर रेत का बड़े पैमाने पर अवैध खनन और भारी वाहनों से परिवहन किया जा रहा था। अचानक मौके पर पहुंचे खनिज अधिकारियों को देखकर वहां हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तुरंत माइनिंग साइट पर मौजूद प्रभारियों से पूछताछ शुरू की और रेत खदान संचालन से संबंधित वैध दस्तावेज और रॉयल्टी पास की मांग की।

⛓️ स्वीकृत क्षेत्र से बाहर चल रही थीं चेन माउंटेन मशीनें: माइनिंग एक्ट के तहत 3 हाइवा और 4 ट्रैक्टर किए गए सील

सघन तकनीकी जांच के दौरान संबंधित पक्षों द्वारा स्वीकृत रेत खदान क्षेत्र की निर्धारित सीमा से बाहर जाकर भारी मशीनों से अवैध उत्खनन करने, पर्यावरण नियमों के विरुद्ध नदी के भीतर चेन माउंटेन मशीनों (Chain Mountain Machines) से खनन करने और बिना वैध अभिवाहन पास (रॉयल्टी पर्ची) के हाइवा एवं ट्रैक्टरों से रेत परिवहन करने के संबंध में कोई भी वैध अनुमति पत्र या सरकारी दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके।

इसके बाद खनिज विभाग की टीम ने कानूनन कड़ी कार्रवाई करते हुए मौके से 02 भारी चैन माउंटेन मशीनें, 03 ओवरलोडेड हाइवा और 04 ट्रैक्टरों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया। इस दौरान मौके पर ही चल रहे अवैध रेत खनन कार्य को पूरी तरह बंद करा दिया गया। ‘खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957’ की धारा 21 के तहत दोनों भारी मशीनों को जब्त कर वहीं सील कर दिया गया और आगामी विभागीय आदेश तक मशीनों को स्थानीय खदान मुंशी की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। इसके साथ ही संबंधित मुख्य खदान संचालक को अवैध माइनिंग का नोटिस जारी कर तामील कराया गया है। वहीं, जब्त किए गए सभी 3 हाइवा और 4 ट्रैक्टरों को साकरा पुलिस थाने की अभिरक्षा में सुरक्षा के लिहाज से थाना परिसर में लाकर खड़ा करा दिया गया है।

💧 अंधाधुंध रेत खनन से पर्यावरण और नदियों को भारी नुकसान: भूजल स्तर गिरने के साथ बढ़ रहा है बाढ़ का खतरा

पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों के अनुसार, नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों से व्यावसायिक लाभ के लिए अत्यधिक मात्रा में रेत का अवैध खनन करने से सीधे तौर पर प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है, जिसके कई गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं:

  • भूजल स्तर में भारी गिरावट: नदियां और उनमें जमा रेत एक प्राकृतिक स्पंज (Natural Sponge) की तरह काम करती हैं। यह रेत मानसून के दौरान बारिश के पानी को सोखकर उसे जमीन के अंदर धीरे-धीरे भेजती है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों का भूजल स्तर (Water Table) मेंटेन रहता है। नदियों से जब मशीनों द्वारा अनियंत्रित रूप से रेत निकाल दी जाती है, तो पानी ठहर नहीं पाता और क्षेत्र का भूजल स्तर तेजी से नीचे गिर जाता है, जिससे गर्मी में कुएं और बोरवेल सूख जाते हैं।

  • बाढ़ और तीव्र मिट्टी कटाव का खतरा: नदी के तल (River Bed) में जेसीबी और हैवी मशीनों से गहरे गड्ढे कर देने से पानी का प्राकृतिक बहाव पूरी तरह असंतुलित हो जाता है। इसके कारण बरसात के दिनों में पानी की गति अचानक बहुत तेज हो जाती है, जो नदी के किनारों की उपजाऊ मिट्टी का तीव्र कटाव (Soil Erosion) करती है। इससे आसपास के गांवों और खेतों के डूबने व बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

  • जलीय इकोसिस्टम पूरी तरह नष्ट: नदी के शांत तल में विभिन्न प्रकार की मछलियों, कछुओं और अन्य दुर्लभ जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास (Breeding Ground) होता है। भारी मशीनों से लगातार रेत निकालने के कारण यह नाजुक प्राकृतिक तंत्र पूरी तरह नष्ट हो जाता है, जिससे पानी साफ रखने वाले जीवों की संख्या में भारी कमी आने लगती है और नदी का पानी दूषित हो जाता है। खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदियों के अस्तित्व को बचाने के लिए अवैध खनन करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही जेल भेजने और भारी जुर्माना लगाने की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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