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NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक में CBI की बड़ी कार्रवाई; पुणे से फिजिक्स एक्सपर्ट मनीषा हवलदार गिरफ्तार

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नई दिल्ली/पुणे: देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG 2026) के कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक और बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। सीबीआई ने महाराष्ट्र में जाल बिछाकर फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) के प्रश्न पत्र लीक करने के आरोप में मनीषा संजय हवलदार नाम की महिला एक्सपर्ट को आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, मनीषा वर्तमान में पुणे के प्रतिष्ठित ‘सेठ हीरालाल सर्फ प्रशाला’ (Seth Hiralal Saraf Prashala) संस्थान में कार्यरत थीं, जिन्हें सीबीआई की विशेष विंग ने पुणे से ही दबोचा है। चौंकाने वाली बात यह है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने मनीषा को विषय विशेषज्ञ (Expert) के तौर पर नीट का गोपनीय प्रश्न पत्र तैयार करने की कोर टीम में नियुक्त किया था।

👩‍भास्कर फिजिक्स के गोपनीय सवालों का था सीधा एक्सेस: मनीषा माथरे के साथ मिलकर रची थी देशव्यापी पेपर लीक की साजिश

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एनटीए की मुख्य टीम में होने के कारण मनीषा संजय हवलदार के पास नीट परीक्षा के फिजिक्स के मूल प्रश्न पत्र का सीधा और कानूनी एक्सेस मौजूद था। आरोप है कि उन्होंने इस पद और गोपनीयता का दुरुपयोग करते हुए, मामले में पहले ही गिरफ्तार हो चुकी मुख्य आरोपी मनीषा माथरे के साथ सांठगांठ की और फिजिक्स के कई अत्यंत गोपनीय सवाल परीक्षा से पहले ही लीक कर दिए। फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के दौरान जब लीक हुए इन सवालों का मिलान किया गया, तो यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि ये सभी सवाल हूबहू मुख्य नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र में शामिल थे। इस हाई-प्रोफाइल केस में सीबीआई अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, लातूर और अहिल्यानगर (अहमदनगर) समेत देश के कई राज्यों से 11 शातिर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

💻 अब तक की देशव्यापी छापेमारी में सीबीआई को क्या-क्या मिला? कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप और बैंक स्टेटमेंट जब्त

इस अंतरराज्यीय परीक्षा घोटाले की तह तक पहुंचने के लिए सीबीआई की विशेष टीमों ने देश भर के दर्जनों शहरों में संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस सघन तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी ने कई करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन वाले बैंक स्टेटमेंट, कई आपत्तिजनक दस्तावेज, एडवांस ब्लैंक चेक, हाई-टेक लैपटॉप, हार्ड डिस्क और दर्जनों मोबाइल फोन जब्त किए हैं। साइबर और वित्तीय विशेषज्ञों द्वारा इन सभी जब्त की गई डिजिटल वस्तुओं का विस्तृत डेटा विश्लेषण (Data Analysis) किया जा रहा है। गौरतलब है कि सीबीआई ने बीते 12 मई को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) द्वारा भेजी गई आधिकारिक लिखित शिकायत और इनपुट्स के आधार पर यह नियमित आपराधिक मामला दर्ज किया था, जो सीधे तौर पर NEET-UG 2026 परीक्षा की शुचिता और कथित पेपर लीक से जुड़ा हुआ था।

🕵️ कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी: कोचिंग सेंटरों के उन बिचौलियों की हुई पहचान जिन्होंने वसूले थे लाखों रुपये

मंत्रालय के निर्देश पर मुकदमा दर्ज होने के तुरंत बाद सीबीआई के शीर्ष अधिकारियों ने विशेष जांच दलों (SIT) का गठन किया और देश भर के कुख्यात परीक्षा माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से कई रसूखदार संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई। सीबीआई की इन टीमों द्वारा जारी वैज्ञानिक जांच से अब प्रश्न पत्रों के लीक होने का वास्तविक और मुख्य स्रोत (Original Source) पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। इसके अलावा, जांच एजेंसी ने उन शातिर बिचौलियों (एजेंटों) को भी चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया है, जो भोले-भाले छात्रों और उनके अभिभावकों को विशेष गुप्त कोचिंग कक्षाओं में शामिल कराने के नाम पर प्रति छात्र 30 से 50 लाख रुपये जुटाने के सिंडिकेट में शामिल थे, जहाँ परीक्षा से ठीक पहले लीक हुए सवाल हल कराए गए थे।

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