Delhi Government: दिल्ली सरकार का बड़ा प्रशासनिक सुधार; ई-टेंडरिंग को डिजिटल बनाने के लिए DeGS और SBI में हुआ MoU
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी खरीद और ई-टेंडरिंग प्रणाली (E-Tendering System) को और अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग के तहत काम करने वाली दिल्ली ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) ने दिल्ली सरकार के मुख्य ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर एक अत्याधुनिक एकीकृत ई-पेमेंट समाधान (Integrated e-Payment Solution) को लागू करने के लिए देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर औपचारिक हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत सरकारी टेंडरिंग से जुड़ी वित्तीय प्रक्रियाओं का पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया जाएगा।
💻 ‘e-Pay’ प्लेटफॉर्म से मिलेगी मैनुअल हस्तक्षेप से मुक्ति: पूरी तरह डिजिटाइज्ड होंगी दिल्ली सरकार की खरीद प्रक्रियाएं
इस ऐतिहासिक तकनीकी समझौते के तहत ‘ई-पे’ (e-Pay) नामक एक अत्यंत सुरक्षित और व्यापक डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म की शुरुआत की जाएगी। इस प्लेटफॉर्म को विशेष रूप से दिल्ली सरकार की सभी खरीद प्रक्रियाओं के लिए बेहतर ई-बैंकिंग सुविधाएं, निर्बाध व सुरक्षित डिजिटल भुगतान सहायता और एक मजबूत व व्यापक मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (MIS) सहायता प्रदान करने के लिए डिजाइन और डेवलप किया गया है।
गौरतलब है कि वर्तमान में ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के दौरान फीस और अन्य भुगतानों के लिए मुख्य रूप से मैनुअल तरीके और भौतिक (फिजिकल) प्रबंधन प्रणालियों का उपयोग किया जाता है, जिसमें काफी समय लगता है। लेकिन, ‘ई-पे’ समाधान के पूरी तरह लागू होने के बाद यह वित्तीय प्रक्रिया शत-प्रतिशत डिजिटाइज्ड हो जाएगी, जिससे सरकारी टेंडरों में भाग लेने वाले सभी हितधारकों और वेंडरों के लिए सिस्टम में सर्वोच्च पारदर्शिता, जवाबदेही और सुगमता सुनिश्चित होगी।
💳 ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर एकीकृत ई-भुगतान: व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल EMD सुविधा शुरू
इसके अलावा दिल्ली में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने और टेंडरिंग प्रक्रियाओं को ठेकेदारों व कंपनियों के लिए बेहद आसान बनाने के लिए आईटी विभाग ने दिल्ली गवर्नमेंट ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल में अर्नेस्ट मनी डिपॉज़िट (EMD) सुविधा को भी पूरी तरह से इंटीग्रेट (एकीकृत) कर दिया है।
इस अनूठी डिजिटल पहल से बोली लगाने वाले (Bidders) ठेकेदारों के लिए भुगतान और उसके विभागीय सत्यापन की पूरी प्रक्रिया रियल-टाइम (Real-Time) में डिजिटल हो गई है। इसके चालू होने से अब लेनदेन की तुरंत पुष्टि संभव होगी और मानवीय या मैनुअल हस्तक्षेप में भारी कमी आएगी। यह बड़ा डिजिटल सुधार बोली लगाने वालों को बैंक जाकर फिजिकल डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाने और उसे दफ्तर में जमा करने की लंबी व उबाऊ प्रक्रिया से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाएगा, जिससे टेंडर आवंटन की पूरी प्रक्रिया और ज्यादा फास्ट, पारदर्शी और पूरी तरह से पेपरलेस (Paperless) हो जाएगी।
📜 अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) का हुआ संपूर्ण डिजिटलीकरण: आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने विजन को किया स्पष्ट
इस बैंकिंग साझेदारी के तहत भारतीय स्टेट बैंक (SBI), दिल्ली ई-गवर्नेंस सोसाइटी को ई-टेंडरिंग से संबंधित सभी ऑनलाइन भुगतान प्रक्रियाओं के प्रभावी, सुरक्षित और सुरक्षित संचालन व प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए अपना तकनीकी सर्वर और विशेषज्ञता प्रदान करेगा। इस एमओयू पर दिल्ली ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के निदेशक और एसबीआई के उप महाप्रबंधक (DGM) ने हस्ताक्षर कर फाइलों का आदान-प्रदान किया।
इस अवसर पर दिल्ली के आईटी मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि यह महत्वाकांक्षी पहल दिल्ली सरकार के डिजिटल गवर्नेंस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और टेक्नोलॉजी-आधारित प्रशासनिक सुधारों (Administrative Reforms) को गति देने के हमारे व्यापक विजन के बिल्कुल अनुरूप है।
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार नए नवाचारों (Innovations) और आधुनिक डिजिटल पहलों के माध्यम से कार्यकुशलता, पारदर्शिता और सार्वजनिक सेवा वितरण (Public Service Delivery) प्रणाली में गुणात्मक सुधार लाने पर लगातार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.