Haryana News: हरियाणा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर जागरूकता अभियान तेज, रैलियों में उमड़ा जनसैलाब
भिवानी/ कुरुक्षेत्र/ सिरसा: हरियाणा के कई जिलों में आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर रैली निकाली गई. इस कड़ी में भिवानी के तोशाम में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सशक्त नारी-सशक्त भारत अभियान के तहत चेतना रैली निकाली गई. इस रैली में भारी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया. रैली का नेतृत्व हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने किया. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और नए अधिनियम के लाभों के प्रति जागरूक करना रहा.
मंत्री श्रुति चौधरी ने बताई अहमियत: इस मौके पर श्रुति चौधरी ने कहा कि, “आज भारत के लिए ऐतिहासिक समय है, जब इस अधिनियम के तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है. इससे नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी. यह एक विजनरी निर्णय है, जिससे देश की आधी आबादी को नेतृत्व का अवसर मिलेगा.”उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस लंबे समय से महिला विरोधी रही है. मुझे कांग्रेस में उचित अवसर नहीं मिला, जबकि भाजपा ने उन्हें सम्मान दिया. हरियाणा के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं, किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा.”
कुरुक्षेत्र में निकाली गई पदयात्रा: कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर से अर्जुन चौक तक नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में पदयात्रा निकाली गई. इस पदयात्रा में बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी, पूर्व मंत्री कमलेश दंड और महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया सहित कई प्रमुख महिलाएं शामिल हुईं. साथ ही जिले में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भाग लेकर समर्थन जता रही हैं.
महिलाओं की भागीदारी पर दिया गया जोर: कुरुक्षेत्र में पदयात्रा के दौरान सुमन सैनी ने कहा कि, “महिला आरक्षण बिल लागू होना एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे महिलाओं को नीति-निर्माण में समान भागीदारी मिलेगी. अब समय आ गया है जब उन्हें नेतृत्व में भी बराबरी का अवसर मिले. यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.”
सिरसा पदयात्रा में उमड़ी भारी भीड़: वहीं, सिरसा में भगत सिंह स्टेडियम से नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के तहत एक बड़ी पदयात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों महिलाओं और छात्राओं ने भाग लिया. यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए नेशनल कॉलेज तक पहुंची. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल मौजूद रहीं.
पूर्व सांसद ने केंद्र सरकार की सराहना: पदयात्रा के दौरान सुनीता दुग्गल ने कहा कि, “यह बिल पिछले 27 सालों से लंबित था, लेकिन 2023 में इसे पारित कर ऐतिहासिक कार्य किया गया. साल 2029 तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना सुनिश्चित होगा. महिलाएं अब नेतृत्व की भूमिका में आगे आएंगी.”
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