सूरजपुर: छत्तीसगढ़ में जनगणना को लेकर तैयारियां जारी है. यह जनगणना साल 2027 में होगी. इस अभियान से जुड़े अन्य कागजात और ब्लूप्रिंट तैयार कर लिए गए हैं. छत्तीसगढ़ में 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक मकान का सूचीकरण और हाउसिंग सेंसस का फर्स्ट फेज चलेगा. यह प्रक्रिया डिजिटल मोड और सेल्फ एन्यूमरेशन के साथ किया जाएगा. इस बीच जनगणना में ओबीसी कॉलम का जगह नहीं दिए जाने पर विवाद हो गया है. सूरजपुर में ओबीसी वर्ग ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की है. जारी प्रारूप में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के लिए अलग से कॉलम का प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे इस वर्ग के लोगों में आक्रोश बढ़ गया है. सर्व पिछड़ा वर्ग महासभा ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए जनगणना प्रारूप में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग उठाई है.
जनगणना के कॉलम में ओबीसी वर्ग जोड़ा जाए
इसी मांग को लेकर सूरजपुर में भी पिछड़ा वर्ग महासभा के पदाधिकारी और सदस्य संयुक्त कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने मांग की है कि जनगणना के दौरान ओबीसी वर्ग के लोगों की स्पष्ट गणना सुनिश्चित करने के लिए अलग कॉलम अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए, ताकि इस वर्ग की वास्तविक जनसंख्या का आंकड़ा सामने आ सके और उसी आधार पर योजनाओं का लाभ मिल सके.
महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि जनगणना में ओबीसी वर्ग की अलग पहचान नहीं होगी, तो इससे सामाजिक और आर्थिक योजनाओं के क्रियान्वयन में असमानता बनी रहेगी. उन्होंने सरकार से जल्द इस दिशा में निर्णय लेने की मांग की है. इस मांग को लेकर संगठन ने आंदोलन की भी चेतावनी दी है. महासभा ने ऐलान किया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगामी 26 अप्रैल को संभाग स्तरीय रेल रोको आंदोलन किया जाएगा. इस आंदोलन में संभाग भर से ओबीसी वर्ग के लोग शामिल होंगे और अपनी आवाज बुलंद करेंगे.
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