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Haryana News: जींद में कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज ठप, आज CM सैनी से बैठक के बाद होगा बड़ा फैसला

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जींद: हरियाणा नगरपालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले नगर परिषद जींद के कर्मचारियों की हड़ताल आज 14वें दिन भी जारी है। कर्मचारी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। आज मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुख्य मांगों पर बैठक होने के बाद ही हड़ताल समाप्त करने या जारी रखने का फैसला लिया जाएगा।

हड़ताल के कारण पूरे जींद शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे बदबू फैल रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सीवरेज लाइनें ओवरफ्लो हो रही हैं, जिससे सड़कों पर गंदा पानी भर गया है। आम जनता को आवागमन और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें

नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर यह राज्यव्यापी हड़ताल चल रही है। जींद इकाई के कर्मचारियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

लेबर कोड रद्द करो और ठेका प्रथा समाप्त करो।
कच्चे कर्मचारियों को पक्का (स्थायी) किया जाए।
सफाई कर्मचारियों की भर्ती और 400 पदों पर नियुक्ति सहित अन्य मुद्दे।
पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।
न्यूनतम वेतन 30,000 रुपये सुनिश्चित किया जाए।
समान काम के लिए समान वेतन लागू हो।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित इन मांगों को सरकार नजरअंदाज कर रही है, जिसके चलते उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़ा।

शहर पर पड़ा असर

सफाई ठप: मुख्य बाजारों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा।
सीवरेज संकट: ओवरफ्लो होने से सड़कें गंदे पानी से भरी हुई हैं।
जन परेशानी: निवासियों को दुर्गंध, मच्छरों और संभावित बीमारियों (डेंगू, मलेरिया आदि) का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने कुछ जगहों पर निजी एजेंसियों से सफाई कराने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारियों के विरोध के कारण यह सीमित रहा।

आज होने वाली मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। यदि मांगें पूरी करने का आश्वासन मिला तो हड़ताल समाप्त हो सकती है, अन्यथा यह और तेज हो सकती है। राज्य के अन्य शहरों (जैसे हांसी, बहादुरगढ़ आदि) में भी इसी तरह की हड़ताल चल रही है, जिससे प्रदेश स्तर पर दबाव बढ़ रहा है। नगर परिषद जींद के कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा। जनता उम्मीद कर रही है कि बैठक से सकारात्मक परिणाम निकले और शहर जल्द ही गंदगी से मुक्त हो।

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