Delhi Police Operation: दिल्ली पुलिस ने तोड़ी ISI की कमर, मूसेवाला मर्डर के आरोपी शाहबाज अंसारी के हथियार सिंडिकेट का भंडाफोड़; 9 गिरफ्तार
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच ने एक साझा ऑपरेशन में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित एक बड़े हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ड्रोन और सीमावर्ती रास्तों के जरिए भारत भेजे गए 23 अत्याधुनिक विदेशी हथियारों और 92 कारतूसों की खेप बरामद की है। इस मामले में अब तक 9 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन पर UAPA (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की गई है।
विदेशी हथियारों का जखीरा बरामद
पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए हथियारों में तुर्की की जिगाना (Zigana), ऑस्ट्रिया की ग्लॉक (Glock), इटली की बरेटा (Beretta) और ब्राजील की टॉरस (Taurus) जैसी घातक पिस्टल शामिल हैं। इसके अलावा बिहार के मुंगेर में बने देसी कट्टे भी बरामद हुए हैं। ये हथियार दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और राजस्थान के बड़े गैंगस्टरों को सप्लाई किए जाने थे।
मास्टरमाइंड: शाहबाज अंसारी का बांग्लादेश कनेक्शन
इस पूरे मॉड्यूल का मास्टरमाइंड खुर्जा (यूपी) निवासी शाहबाज अंसारी बताया जा रहा है। शाहबाज का नाम सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में हथियारों की सप्लाई के लिए आया था। जमानत पर बाहर आने के बाद वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेश फरार हो गया और वहीं से आईएसआई के इशारे पर नेटवर्क चला रहा है। उसका चाचा रेहान अंसारी दुबई से इस सिंडिकेट की फंडिंग और लॉजिस्टिक्स संभाल रहा है।
स्मगलिंग का ‘ट्राइएंगल रूट’
जांच में खुलासा हुआ है कि हथियार पाकिस्तान से पहले थाईलैंड और फिर नेपाल भेजे जाते थे। नेपाल बॉर्डर से हथियारों को ‘डिस्मंतल’ (खोलकर) किया जाता था और कारों के गुप्त खानों (Modified Cavities) में छिपाकर भारत लाया जाता था। शाहबाज का चचेरा भाई राहिल अंसारी दिल्ली में इन खेपों को रिसीव करता था।
इन राज्यों में होनी थी सप्लाई
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी फरदीन (मौजपुर), विशाल सिंघानिया (आजमगढ़) और अहमद (जौनपुर) इस सिंडिकेट के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का हिस्सा थे। ये हथियार लॉरेंस बिश्नोई और बंबीहा गैंग जैसे प्रतिद्वंद्वी समूहों तक पहुंचने थे। स्पेशल सेल अब इस मॉड्यूल के वित्तीय लेन-देन और ‘हवाला’ नेटवर्क की जांच कर रही है।
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