Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE जिम्मेदार दौरे, निरीक्षण,मीटिंगों में व्यस्त, शहर को बनाया अंधेरनगरी,साबित हो रहे चौपट राजा,ज... INDORE पुलिस का नशा मुक्ति अभियान बना जनजागरूकता का विषय, सड़कों से घरों तक नशे के दुष्परिणामों पर ह... INDORE आईडीए में जनसुनवाई की शुरुआत के बाद सीईओ का एक और नया नवाचार,तीन दिवसीय शिविर में सैकड़ों भूख... INDORE पुलिस आयुक्त ने 7 बदमाशों को किया तीन महीनों के लिए तड़ीपार,3 लिस्टेड भरेंगे थानों में हाजरी। INDORE लापता खजराना अस्पताल,कलेक्टर की कब्ज़ा मुक्ति मुहिम का श्रीगणेश, प्रशासन- नगर निगम ने बेशकीमत... INDORE सरकारी जमीनों पर कब्जा बर्दाश्त नहीं,कलेक्टर के सभी विभागों को निर्देश, अतिक्रमणकारियों पर भी... INDORE लापता खजराना अस्पताल,धरातल पर खाली जमीन,अब कांग्रेसी नेता का दावा कांग्रेसी मुख्यमंत्री ने दी... INDORE नगर निगम मार्केट विभाग की अवैध विज्ञापनबाजों को खुली छूट! उल्लंघन करो और नाममात्र खानापूर्ति ... INDORE कनाडिया पुलिस के हत्थे चढ़ा ड्रग तस्करों का बड़ा नेटवर्क,16 लाख रुपए की एमडी ड्रग सहित कार बर... INDORE कनाडिया पुलिस पकड़े महंगे शौक के लिए मोबाइल झपटने वाले दो चोर,फिलहाल पूछताछ जारी खुलेंगे और क...

MP News: उज्जैन पुलिस का ‘जीवन रक्षक’ अभियान, सड़क हादसे में घायल की मदद करने पर मिलेगा ₹25,000 का नकद इनाम

54

उज्जैन: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए यातायात पुलिस ने ‘जीवन रक्षक’ अभियान का शंखनाद किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के ‘गोल्डन ऑवर’ (हादसे के तुरंत बाद का समय) में घायल को सही उपचार दिलाकर उसकी जान बचाना है। इसके लिए पुलिस ने न केवल बड़े इनाम की घोषणा की है, बल्कि आम नागरिकों को प्रशिक्षित करने का जिम्मा भी उठाया है।

मददगारों के लिए ₹25,000 का नकद इनाम

मुख्यमंत्री राहगीर योजना के तहत उज्जैन पुलिस ने घोषणा की है कि यदि कोई व्यक्ति सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुँचाता है और उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है, तो उसे ₹25,000 तक का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

कानूनी पचड़ों से मुक्ति का भरोसा

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घायल की मदद करने वाले व्यक्ति (Good Samaritan) से अस्पताल या थाने में कोई अनावश्यक पूछताछ नहीं की जाएगी। उन्हें किसी भी कानूनी परेशानी में नहीं डाला जाएगा, ताकि लोग बिना किसी डर के दूसरों की मदद के लिए आगे आ सकें।

20 ‘ब्लैक स्पॉट’ पर विशेष फोकस और ट्रेनिंग

यातायात पुलिस ने जिले के उन 20 स्थानों को चिन्हित किया है जहाँ सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। इन ‘ब्लैक स्पॉट’ के पास रहने वाले स्थानीय लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को सशक्त बनाया जा रहा है:

  • डॉक्टरों की टीम: विशेषज्ञों की अलग-अलग टीमें स्थानीय लोगों को सीपआर (CPR) और फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दे रही हैं।

  • फर्स्ट एड किट: ट्रेनिंग के साथ-साथ लोगों को मुफ्त फर्स्ट एड किट भी बांटी जा रही हैं ताकि एम्बुलेंस आने से पहले घायल को प्राथमिक उपचार मिल सके।

क्यों जरूरी है यह अभियान?

अक्सर देखा जाता है कि लोग कानूनी कार्यवाही के डर से घायल की मदद करने से कतराते हैं। उज्जैन पुलिस का यह ‘जीवन रक्षक’ अभियान न केवल उस डर को खत्म करेगा, बल्कि इनाम और सम्मान के जरिए समाज में परोपकार की भावना को भी बढ़ावा देगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!