CG News: जिला अस्पताल बैकुंठपुर में नदारद रहे डॉक्टर, खाली कुर्सियां देख भड़के मरीज; स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
कोरिया: बैकुंठपुर जिला अस्पताल आने वाले मरीज डॉक्टरों के लेट आने की वजह से परेशान हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वो कई मीलों का लंबा सफर कर इलाज के लिए यहां आते हैं. घंटों लाइन में लगकर पर्ची कटवाते फिर डॉक्टर के चेंबर तक पहुंचते हैं. लेकिन जब डॉक्टर समय पर नहीं आते तो उनकी मुसीबत और बढ़ जाती है. इलाज के लिए अस्पताल आए मरीजों की शिकायत है कि इतनी गर्मी में उनको घंटों तक डॉक्टर के आने का इंतजार करना पड़ता है. सबसे ज्यादा परेशान बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है. जिले में पड़ रही तेज गर्मी के चलते इन दिनों मौसमी बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है.
डॉक्टर के नहीं मिलने से मरीज हो रहे परेशान
सागरपुर से अपने छोटे बच्चे के साथ सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंचीं गर्भवती महिला तुलसी ने कहा, ”हम लोग बहुत दूर से आए हैं, लेकिन यहां एक भी डॉक्टर नहीं मिले हैं. इस भीषण गर्मी में घंटों से इंतजार कर रहे हैं, बहुत परेशानी हो रही है.”
हम लोग इलाज के लिए यहां आए हैं लेकिन कोई भी डॉक्टर यहां हमें नहीं नजर आया. इंतजार करने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है: तुलसी, महिला मरीज
बहुत दूर से इलाज के लिए यहां आए. डॉक्टर साहब अभी तक नहीं आए हैं. इतनी गर्मी में हम लोगों को घंटों का इतंजार करना पड़ा रहा है: रामवती, महिला मरीज
मरीजों में आक्रोश, निजी अस्पताल जाने की मजबूरी
एक अन्य महिला मरीज ने कहा, “सुबह से अस्पताल में बैठे हैं, लेकिन अभी तक कोई डॉक्टर देखने नहीं आया. छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ इंतजार करना बहुत मुश्किल हो रहा है. अगर यही हाल रहा तो गरीब लोग आखिर कहां जाएंगे.”
गांव से इलाज कराने आई महिला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज की उम्मीद से आते हैं, लेकिन यहां डॉक्टर ही नहीं मिलते. मजबूरी में प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ जाता है.
हमारे पास तो इंतजार करने के अलावा कोई और चारा नहीं है. इतने पैसे नहीं है कि बाहर किसी डॉक्टर से इलाज कराएं: कौशल्या, महिला मरीज
जिला अस्पताल बैकुंठपुर की स्थिति को लेकर कांग्रेस का तंज
डॉक्टरों के समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में अव्यवस्था चरम पर है और डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय निजी क्लीनिकों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है. जिस पेशे को जनसेवा का माध्यम माना जाता है, वह अब कमाई का साधन बनता जा रहा है. डॉक्टरों की लापरवाही आम जनता की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ है.
बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है. लोग इलाज के लिए यहां दूर-दूर से आते हैं लेकिन उनको समय पर इलाज नहीं मिलता. जिला अस्पताल प्रबंधन को अपनी कार्यशैली सुधारनी होगी: प्रदीप गुप्ता,जिला कांग्रेस अध्यक्ष
स्वास्थ्य मंत्री से जुड़ा है इलाका
लोगों का कहना है कि यह स्थिति तब है जब यह क्षेत्र स्वास्थ्य मंत्री से जुड़ा माना जाता है, इसके बावजूद अस्पताल की ऐसी लचर व्यवस्था कई सवाल खड़े करती है. जिला अस्पताल की यह तस्वीर न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के बड़े अंतर को भी सामने लाती है.
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