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Punjab Powercom Relief: पंजाब के हजारों परिवारों को बड़ी राहत! अब पावरकॉम देगा सीधे बिजली कनेक्शन, खत्म हुआ इंतजार

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जीरकपुर: अधूरी कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं से वंचित जीवन जी रहे हजारों परिवारों के लिए राहत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पावरकॉम ने राज्य स्तर पर सख्त और स्पष्ट आदेश जारी किए हैं। 30 मार्च 2026 को जारी इन आदेशों में पूरे पंजाब के बिजली अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन कॉलोनियों/सोसायटियों में बिल्डरों ने जरूरी नियमों का पालन नहीं किया, उन मामलों की पहचान करके संबंधित लाइसेंसिंग अथॉरिटीज को आधिकारिक नोटिस भेजे जाएं और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सबसे जरूरी बात यह है कि अगर किसी कॉलोनी का लाइसेंस सस्पेंड या कैंसल हो जाता है और उसे खाली घोषित कर दिया जाता है, तो वहां रहने वाले लोग तय प्रोसेस पूरा करने के बाद सीधे पावरकॉम से बिजली कनेक्शन ले सकेंगे। यह आदेश पावरकॉम के चीफ इंजीनियर (कमर्शियल) कार्यालय द्वारा जारी कर पूरे राज्य के इंजीनियर-इन-चीफ और चीफ इंजीनियर (डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम) तक भेजे गए हैं, जिससे स्पष्ट है कि यह कदम किसी एक शहर तक सीमित नहीं बल्कि पूरे पंजाब में लागू होगा।

इस कार्रवाई का आधार पीएसईआरसी (PSERC) द्वारा हाल ही में किए गए संशोधन हैं, जिनके तहत सप्लाई कोड-2024 के अनुसार अधूरी कॉलोनियों और डिफॉल्ट करने वाले बिल्डरों के मामलों में सख्ती के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, यदि कोई बिल्डर या प्रमोटर आवश्यक एनओसी प्राप्त नहीं करता, बैंक गारंटी जमा नहीं करता या कॉलोनी में बिजली से संबंधित बुनियादी ढांचा जैसे ट्रांसफॉर्मर, केबल और वितरण प्रणाली पूरी नहीं करता, तो उसका लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है। पावरकॉम ने आदेश दिए हैं कि ऐसे मामलों को दस्तावेज़ी रूप से चिन्हित कर पुड्डा, गमाडा, पीडीए और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग जैसे विभागों को नोटिस भेजे जाएं। यह प्रक्रिया कॉलोनी को खाली घोषित करने के लिए जरूरी शर्त होगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि संबंधित सरकारी प्राधिकरण तीन महीनों के भीतर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता, तो पावरकॉम खुद अदालत का रुख करेगा और आवश्यक आदेश लेकर आगे कार्रवाई करेगा। इससे पहली बार बिजली विभाग सिर्फ सप्लाई एजेंसी से आगे बढ़कर सक्रिय भूमिका निभाता नजर आएगा।

सीधे बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे

सबसे ज़रूरी बात यह है कि अगर किसी कॉलोनी का लाइसेंस सस्पेंड या कैंसल होता है और उसे खाली घोषित कर दिया जाता है, तो वहां रहने वाले लोग तय प्रोसेस पूरा करने के बाद सीधे पावरकॉम से बिजली कनेक्शन ले सकेंगे, भले ही बिल्डर ने प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ दिया हो। हालांकि, इसके लिए कॉलोनी का ऑफिशियली खाली घोषित होना ज़रूरी होगा और इस बारे में नॉर्म्स तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें रेगुलेटरी अप्रूवल के बाद लागू किया जाएगा। अब बिल्डर की लापरवाही की वजह से लोगों को अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा। ऑर्डर में यह भी कहा गया है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में अधूरे बिजली सिस्टम को पूरा करने का अनुमानित खर्च पावरकॉम तैयार करके संबंधित डिपार्टमेंट्स के सामने रखेगा। यह भी इशारा किया गया है कि इस प्रोसेस में कुछ खर्च ऐसे प्रोजेक्ट्स में रहने वालों से सर्विस कनेक्शन चार्ज के तौर पर भी वसूला जा सकता है, जिससे यह साफ है कि राहत के साथ-साथ लोगों पर कुछ फाइनेंशियल जिम्मेदारी भी आ सकती है। हाल के बिजली संकट और ज़ीरकपुर और आसपास के इलाकों में अधूरी कॉलोनियों के मामले में इस ऑर्डर को काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, यह भी उतना ही साफ है कि डायरेक्ट बिजली कनेक्शन का रास्ता तभी खुलेगा जब नोटिस जारी करने से लेकर लाइसेंस प्रोसेस करने और छोड़ने की घोषणा करने तक का पूरा प्रोसेस कानूनी और एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से पूरा हो जाएगा। इस पूरे ऑर्डर का मैसेज यह है कि अगर बिल्डर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता है, तो बिजली सप्लाई की स्थिति स्थिर नहीं रहेगी। तय प्रोसेस के जरिए एडमिनिस्ट्रेटिव मशीनरी को एक्टिवेट करके, आखिरकार निवासियों को बिजली देने का रास्ता तैयार किया जा रहा है, हालांकि यह सब प्रोसीजरली और नियमों के दायरे में ही लागू किया जाएगा।

विभाग को ऐसे आदेश क्यों जारी करने पड़े

पंजाब में कई कॉलोनियों/सोसायटियों में बिल्डरों ने बिजली का बुनियादी ढांचा पूरा किए बिना ही लोगों को बसाया, जिससे निवासी आवश्यक सुविधाओं से वंचित रह गए। कई बड़े प्रोजेक्ट्स में बिल्डरों ने सिंगल पॉइंट मीटर लेकर निवासियों से प्रीपेड मीटर के जरिए पैसे वसूले, लेकिन वह राशि पावरकॉम को जमा नहीं करवाई। इसके कारण जब बिल्डरों पर लाखों रुपये बकाया हो गए तो बिजली काट दी गई, और पूरा भुगतान करने के बावजूद निवासी अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार के निर्देशों और नियमों के तहत यह सख्त आदेश जारी किए गए हैं।

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