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Viral News: लंबाई बनी मुसीबत! 6.6 फीट लंबे बस कंडक्टर को हुआ गर्दन और पीठ में दर्द, अब विभाग ने दिया नया काम

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Hyderabad Bus conductor: तेलंगाना में हैदराबाद से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां एक बस कंडक्टर की लंबाई उसके लिए परेशानी का कारण बन गई. राज्य परिवहन निगम ने कर्मचारी की शारीरिक दिक्कतों को देखते हुए उसे बसों में नियमित ड्यूटी से हटाकर दूसरी जिम्मेदारी सौंप दी है. यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है.

मेहदीपट्टनम डिपो में कार्यरत कंडक्टर अमीन अहमद अंसारी की लंबाई करीब 198 सेंटीमीटर यानी लगभग 6 फीट 6 इंच है. उनकी लंबाई सामान्य लोगों की तुलना में काफी अधिक है, जिसके कारण उन्हें बसों के अंदर नियमित रूप से काम करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. बसों के अंदर बनी संकरी गलियां और कम ऊंचाई वाली छतें उनके लिए मुश्किल पैदा कर रही थीं. यात्रियों के बीच टिकट जांचने और बस में आगे-पीछे आने-जाने के दौरान उन्हें लगातार सिर झुकाकर चलना पड़ता था.

परिवहन निगम ने पहले भी उनकी समस्या को देखते हुए उन्हें एक साल के लिए आउट ऑफ डिजिग्नेशन यानी ओडी ड्यूटी पर भेजा था. इस दौरान उन्हें ऐसे कार्य दिए गए, जहां उन्हें बसों के अंदर लगातार ड्यूटी नहीं करनी पड़े. हालांकि 28 अप्रैल को उनकी ओडी ड्यूटी की अवधि समाप्त हो गई थी और समय पर विस्तार नहीं मिल पाने के कारण उन्हें दोबारा बस कंडक्टर की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी.

गर्दन और पीठ में तेज दर्द

नियमित ड्यूटी पर लौटने के बाद अंसारी को कुछ ही दिनों में गर्दन और पीठ में तेज दर्द की शिकायत होने लगी. लगातार झुककर काम करने की वजह से उनकी शारीरिक परेशानी बढ़ गई. बताया गया कि बस के अंदर खड़े होने और यात्रियों के बीच निकलने में उन्हें काफी दिक्कत हो रही थी. जब इस संबंध में अधिकारियों को जानकारी दी गई, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया.

दोबारा ओडी ड्यूटी पर भेजा गया

इसके बाद परिवहन निगम मुख्यालय से 5 मई को आधिकारिक आदेश जारी किया गया और अमीन अहमद अंसारी को दोबारा ओडी ड्यूटी पर भेज दिया गया. नए आदेश के अनुसार अब उनकी सेवाएं बस पास सेक्शन, प्रशासनिक कार्यों या एयरपोर्ट से जुड़े विभागों में जरूरत के अनुसार ली जा सकती हैं, जहां उन्हें शारीरिक रूप से कम परेशानी होगी.

इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर कार्यस्थल की सुविधाओं और कर्मचारियों की जरूरतों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. कई लोगों ने कहा कि अधिकांश नौकरियां सामान्य शारीरिक ढांचे को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, लेकिन हर व्यक्ति की परिस्थितियां अलग होती हैं. वहीं कई लोगों ने परिवहन निगम के इस फैसले की सराहना की.

परिवहन निगम ने पहले भी उनकी समस्या को देखते हुए उन्हें एक साल के लिए आउट ऑफ डिजिग्नेशन यानी ओडी ड्यूटी पर भेजा था. इस दौरान उन्हें ऐसे कार्य दिए गए, जहां उन्हें बसों के अंदर लगातार ड्यूटी नहीं करनी पड़े. हालांकि 28 अप्रैल को उनकी ओडी ड्यूटी की अवधि समाप्त हो गई थी और समय पर विस्तार नहीं मिल पाने के कारण उन्हें दोबारा बस कंडक्टर की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी.

गर्दन और पीठ में तेज दर्द

नियमित ड्यूटी पर लौटने के बाद अंसारी को कुछ ही दिनों में गर्दन और पीठ में तेज दर्द की शिकायत होने लगी. लगातार झुककर काम करने की वजह से उनकी शारीरिक परेशानी बढ़ गई. बताया गया कि बस के अंदर खड़े होने और यात्रियों के बीच निकलने में उन्हें काफी दिक्कत हो रही थी. जब इस संबंध में अधिकारियों को जानकारी दी गई, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया.

दोबारा ओडी ड्यूटी पर भेजा गया

इसके बाद परिवहन निगम मुख्यालय से 5 मई को आधिकारिक आदेश जारी किया गया और अमीन अहमद अंसारी को दोबारा ओडी ड्यूटी पर भेज दिया गया. नए आदेश के अनुसार अब उनकी सेवाएं बस पास सेक्शन, प्रशासनिक कार्यों या एयरपोर्ट से जुड़े विभागों में जरूरत के अनुसार ली जा सकती हैं, जहां उन्हें शारीरिक रूप से कम परेशानी होगी.

इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर कार्यस्थल की सुविधाओं और कर्मचारियों की जरूरतों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. कई लोगों ने कहा कि अधिकांश नौकरियां सामान्य शारीरिक ढांचे को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, लेकिन हर व्यक्ति की परिस्थितियां अलग होती हैं. वहीं कई लोगों ने परिवहन निगम के इस फैसले की सराहना की.

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