टालमटोल इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार,जनता जाए तेल लेने,दूषित पानी सप्लाई की शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार तुले दूसरा भागीरथपुरा बनाने को।
टालमटोल इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार,जनता गई तेल लेने, शिकायत मिलने के बावजूद जिम्मेदार बनाने पर तुले भागीरथपुरा।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर नगर निगम के जिम्मेदारों की कार्यशैली हमेशा से ही चर्चित रही हैं। दरअसल इन जिम्मेदारों के समय रहते कभी कानों पर जूं नहीं रेंगती हैं। और फिर शहर का कोई भी हिस्सा भगीरथपुरा बनने से कैसे बच सकता हैं। दरअसल पिछले कई दिनों से गुलमर्ग परिसर,अरावली परिसर, और उससे लगी कालोनियों में बदबूदार पानी की सप्लाई जारी हैं। जिसकी वजह से फिलहाल छोटे बच्चे और कई बुजुर्ग बीमार भी हो रहे हैं। लेकिन इसके उल्टे मेयर से लेकर आयुक्त, अपर आयुक्त को उक्त शिकायतों के बावजूद भी किसी भी जिम्मेदार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही हैं बल्कि शिकायतकर्ता रहवासियों को इधर से उधर फुटबॉल बनाते हुए घुमाया जा रहा हैं।
मेयर से आयुक्त,अपर आयुक्त,सभी करते टालमटोल।


इधर गुलमर्ग परिसर सहित उससे लगे क्षेत्रों में बदबूदार पानी की सप्लाई जारी हैं। लिहाजा इसकी शिकायत मेयर पुष्यमित्र भार्गव सहित आयुक्त शिक्षिज सिंघल और अपर आयुक्त अर्थव जैन तक पहुंचाई गई। लेकिन यह जिम्मेदार सिर्फ शिकायतकर्ता को इधर से उधर फुटबॉल बना दिया हैं। दरअसल मेयर पुष्यमित्र भार्गव को शिकायत के बाद यह शिकायत भी नगर निगम में इधर उधर भटक रही हैं, लेकिन इसका निराकरण होना संभव नहीं हो पा रहा हैं।
जान पर बनी,क्या कोई मौत होने के बाद ही जागते जिम्मेदार।

शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में नगर निगम के जिम्मेदारों की लापरवाहियों के चलते असमय काल का ग्रास बने लोगों की मौत के बावजूद भी इंदौर नगर निगम के जिम्मेदार बिल्कुल भी जागरूक नहीं हैं।बल्कि अब इन हालातों को आंकलन किया जाए तो जिम्मेदार कोई बड़ा मामला होने पर ही जागते हैं। ना कि समय रहते कोई उचित कदम उठाया जाए। यही हालात शहर के भागीरथपुरा में भी देखे गए थे। लेकिन समय रहते जिम्मेदारों के नहीं जागने के चलते इंदौर पूरे विश्वभर में बदनाम हो गया हैं।