SIR, इंदौर का एक क्षेत्र ऐसा भी जिसके रहवासियों को हो रहा अलग देश में रहने का एहसास,निर्वाचन विभाग से कोई नहीं पहुंचा इनके पास,चार हजार से ज्यादा मतदाता हो जायेगे मतदान से वंचित।
SIR, शहर का एक क्षेत्र ऐसा ही जहां नहीं आया सरकारी अमला,अब आम लोगों को देश के मतदाता होने की चिंता, बीएलओ जनता को भेज रहे इधर उधर,लेकिन नहीं हो रहा समस्या का हल,इंदौर में रहते हुए लोगों को अन्य किसी देश में रहने का मिल रहा अनुभव।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
देशभर में SIR को लेकर अजीब अजीब वाक्ए किस्से, लापरवाहियां,त्रुटि भूल और कहीं कहीं बेहतर नतीजे भी सामने आ रहे हैं। लेकिन इंदौर में निर्वाचन अमले की उदासीनता और झूठे श्रेय का अजीब ही किस्सा सामने आया हैं। दरअसल वह इसलिए क्योंकि इंदौर के बढ़िया कीमा और अंबामोलिया ग्रामीण क्षेत्र से लगे गुलमर्ग परिसर जिसे इंदौर नगर निगम द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाया हैं। उस गुलमर्ग परिसर के तीन से चार रहवासियों को अब भारतीय मतदाता होने को लेकर चिंताएं सता रही हैं। क्योंकि SIR हुए समय गुजर रहा हैं। लेकिन यहां इंदौर निर्वाचन कार्यालय से कोई भी बूथ लेवल अधिकारी नहीं पहुंचा। न ही उसने इन चार घर से ज्यादा मतदाताओं की सुध ली हैं। लिहाजा ऐसे हालातों में अब इन गुलमर्ग परिसर रहवासियों को आगामी चुनावों में मताधिकार करने की चर्चा चिंताएं सता रही हैं। क्योंकि पूर्व में यह सभी रहवासी कही और निवासरत थे। और उन मतदान बूथों से उनका नाम हट गया हैं। या फिर उन्होंने गुलमर्ग परिसर में रहने के चलते खुद ही कटवा लिया। लेकिन SIR की प्रक्रिया के दौरान यहां गुलमर्ग परिसर में कोई भी बीएलओ नहीं पहुंचा। बल्कि ऐसी स्थितियों में रहवासियों ने बढ़िया कीमा,कनाडिया, और अंबामोलिया के बीएलओ से संपर्क साधा भी लेकिन ये बीएलओ रहवासियों को यहां से वहां टरकाते रहे। फिलहाल ऐसे मतदाता जिनका नाम कहीं न कहीं किसी न किसी मतदाता सूची में नहीं होने के चलते अब ये चार हजार से ज्यादा मतदाता मतदान तक से वंचित होने वाले हैं।
स्थानीय लोगों का कहना बीएलओ ने घुमाया यहां वहां लेकिन निराकरण नहीं।

गुलमर्ग परिसर के स्थानीय रहवासियों ने चर्चा में बताया कि गुलमर्ग परिसर में निर्वाचन अमले के नहीं पहुंचने पर उन्होंने बढ़िया कीमा, कनाडिया और अंबामोलिया क्षेत्रों के बीएलओ से संपर्क किया था। लेकिन वह इन्हें यहां वहां भटकाते रहे। लेकिन उनकी समस्याओं को उन्होंने न ही सुना और न ही उनका निराकरण हुआ हैं।
लग रहा इंदौर नहीं अलग देश में रह रहे हैं।

SIR प्रक्रिया और अब दावे आपत्तियों का दौर निर्वाचन विभाग द्वारा किया जा रहा है। लेकिन अभी तक यहां कोई भी बीएलओ नही आया। फिलहाल रहवासियों की माने तो वह इंदौर में नहीं बल्कि अलग ही कोई दूसरे देश में निवास कर रहे हैं। लिहाजा इसी वजह से निर्वाचन कार्यालय से उनके पास कोई भी बीएलओ नही आया।