Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Sheopur News: श्योपुर में नगरपालिका अध्यक्ष रेणु गर्ग के साथ धक्का-मुक्की, विधानसभा अध्यक्ष के सामने... MP News: बीच रास्ते में रुका सीएम मोहन यादव का काफिला, पुलिस अधिकारी की 'इस' हरकत पर भड़के मुख्यमंत्... MP Politics: 'पाला बदलने वालों का सत्यानाश होगा', सीहोर में दलबदलू नेताओं पर बरसे दिग्विजय सिंह; BJP... MP News: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी! गेहूं खरीदी के बदले खातों में पहुंचे ₹2548 करोड़, जा... MP News: उज्जैन पुलिस का 'जीवन रक्षक' अभियान, सड़क हादसे में घायल की मदद करने पर मिलेगा ₹25,000 का न... MP News: मऊगंज में खाकी का मानवीय चेहरा, 100 फीट गहरे कुएं में कूदे थाना प्रभारी; बचाई गाय की जान MP Politics: भोपाल में सीएम मोहन यादव से मिले शिवराज सिंह चौहान, बंद कमरे में हुई चर्चा से सियासी पा... Raja Raghuvanshi Murder Case: मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग कोर्ट से मिली सशर्त जमानत, जेल से ब... Raja Raghuvanshi Murder Case: सोनम के बाद अब राज कुशवाहा की बेल पर शिलांग कोर्ट में सुनवाई, मृतक के ... उज्जैन से काशी तक: सीएम मोहन यादव की भेंट 'वैदिक घड़ी' का पीएम मोदी ने किया अवलोकन, पंचांग और मुहूर्...

पत्रकारों पर इंदौर में हमला,भ्रष्ट्राचारियों की पोल खोलो तो लगते है इल्ज़ाम,सिस्टम के सताए लोगों की पत्रकारों से उम्मीदें,पत्रकार किससे रखे उम्मीद।

0 1,128

क्या करें साहब भ्रष्टाचारियों की पोल खोलो तो मारते है या ब्लैकमेलर का इल्ज़ाम लगाते है। लोगों की उम्मीदें पत्रकारों से पत्रकार आखिर किससे उम्मीद रखें,अधिकारियों का चरणदास बने रहे तो सभी खुश नहीं तो ब्लैकमेलर, पैसे मांगता हैं। ऐसे इल्जाम का बोझ सहो।

अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर

इंदौर परिवहन विभाग कार्यालय में पत्रकारों पर हुआ हमला कोई नई बात नहीं हैं। ऐसे शब्दों के हमले तो हम रोजाना साल भर वर्षों से झेलते आ रहे हैं। कभी पुलिस अधिकारी,कभी राजनेता,तो कभी जिला प्रशासनिक अधिकारी एक पत्रकार की इज़्ज़त से हमेशा खेलता रहता हैं। जो पत्रकार या सीधी भाषा में कहे कि चाटुकार अधिकारी,नेताओं की चरण वंदना करें। अधिकारियों को टोक कर रखे तो वो पत्रकार सही। नहीं तो पैसे मांगता हैं। ब्लैकमेलर है। ऐसे आरोप इल्ज़ाम हमें रोजाना झेलने पड़ते हैं। अब ये हमारी जमात की भी कमजोरी है कि एक पत्रकार ऐसे भ्रष्टाचारियों की कमर तोड़ खबरें प्रकाशित करें तो हमारी ही जमात के हमारे साथी हमारे लिए ही गड्ढे खोदने लग जाते हैं। हम पत्रकार हैं हमसे पूरा जमाना जो कि अधिकारियों,नेताओं और सरकारी तंत्र से सताया हुआ है उसकी हम लोगों से उम्मीदें रहती हैं। लेकिन जब हम पर हमले हो रहे है हमे ब्लैकमेलर कहते हुए बदनाम किया जा रहा है ऐसी स्थिति में हम ऐसे पत्रकार किन लोगों से उम्मीदें रखे।

रिश्वतखोरों का एक ही इल्ज़ाम पैसे मांगता है।

दरअसल पिछले कई दिनों से न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम वेबसाइट पर इंदौर विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव की कारगुज़ारियों को उजागर कर रहा हूं। लेकिन इन अधिकारी के पास एक ही इलज़ाम है। उनकी लोगों को यहीं सफाई है कि पैसे मांग रहा है। ब्लैकमेलर है। अब मैं व्यक्तिगत रूप से मनीष श्रीवास्तव जो कि इंदौर विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी है उनसे पूछना चाहता हु कि आपसे कब क्या और कितना मांग लिया जो लोगों के सामने मुझे बदनाम कर रहे है। खोटे करम आप करो। और बदनाम हम हो। ये कहा का इंसाफ है कैसा इंसाफ हैं। पिछले दस सालों से इंदौर विकास प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति के बल पर नियमों को ठेंगा बताते हुए आप टीके हुए हो। और गलत हम कर रहे हैं। और बदनाम भी हम हो। क्या आप ब्लैकमेलर रिश्वतखोर की परिभाषा जानते हो। मुझे तो पता है आप भी जान लो। समझ लो क्योंकि गलत आप कर रहे हो। मै नहीं मै तो सिर्फ अपना धर्म निभा रहा हूं आपने और इंदौर विकास प्राधिकरण के संपदा शाखा ने आम जनता को तल रखा हैं। जिसका खुलासा और पोलपट्टी मै खोल रहा हु और खोलते रहूंगा।

जिम्मेदार सोए हुए

इंदौर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष को संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव की शिकायतकर्ता ने शिकायत की। खुले तौर पर रिश्वत मांगने के आरोप भी लगाए। लेकिन जब जिम्मेदार ही सोए हुए हो। मैं भी क्या कर सकता हूं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!