शहर में ढिंढोरा,लेकिन खुद अपनी ही जांघ में ही फोड़ा,

नगर निगम खुद अपने बनाए प्रोजेक्ट में भूल गया वॉटर हार्वेस्टिंग।
इंदौर।
इंदौर नगर निगम महापौर जी,आयुक्त जी एक बार आप खुद अपने ही द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट की भी जांच कर लेवे। फिर कहीं बड़े बड़े दावे हो तो अच्छी बात होगी। दरअसल नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गुलमर्ग परिसर,सतपुड़ा,पलाश,कावेरी, अरावली परिसरों का निर्माण किया है। लेकिन नगर निगम के जिम्मेदारों की जिम्मेदारी की पोल उक्त प्रोजेक्ट खोलकर रख देते है। क्योंकि एक तरफ निगमायुक्त शिवम वर्मा सहित महापौर पुष्य मित्र भार्गव शहरभर की कॉलोनियां, बहुमंजिलाओं के निर्माताओं की क्लास ले रहे है। और वर्षाजल सहेजने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दे रहे है। लेकिन एक तरफ शहरभर में वॉटर हार्वेस्टिंग का ढिंढोरा पीटा जा रहा है तो दूसरी तरफ नगर निगम के ही जांघ में फोड़ा साबित हो रहा है। दरअसल वह इसलिए क्योंकि नगर निगम ने PMAY के तहत बनाए प्रोजेक्ट में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम ही नहीं लगाया है। वह फिर PMAY प्रभारी अधिकारियों की लापरवाहियां हो या फिर संबंधित ठेकेदार पर उनकी कृपा। लेकिन उक्त प्रोजेक्ट में जिस तरह से कॉस्ट कटिंग पर ध्यान दिया गया है। वह सीधे तौर पर ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की ही और इशारा करता है। नहीं तो जहां एक तरफ शहरभर में वॉटर हार्वेस्टिंग को लेकर इतनी बड़ी बड़ी बातें नगर निगम जिम्मेदारों की और से की जा रही है। वहीं खुद अपने प्रोजेक्ट्स में इतनी बड़ी खामी होना दर्जनों सवालों को जन्म दे रहा है।
गुलमर्ग परिसर रहवासियों ने उठाई थी मांग।
इधर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लेकर गुलमर्ग परिसर ब्लॉक B 10 11 और 12 के रहवासियों ने योजना प्रभारी अपर आयुक्त नरेंद्रनाथ पांडे और अधीक्षण यंत्री डी आर लोधी के समक्ष उक्त मांग उठाई थी। और गुलमर्ग परिसर की इसके अलावा दर्जनों समस्याएं बताई थी। लेकिन पांडे जी आए और भूल गए। वहीं दूसरी तरफ अधीक्षण यंत्री डी आर लोधी तो रहवासियों पर ही उखड़ जाते है और उन्हें उल्टे उल्टे जवाब देते है कि उनसे पूछकर लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में फ्लैट खरीदा था क्या,,