भाजपा ने कर दिया कमाल,पश्चिम बंगाल फतेह,कैलाश विजयवर्गीय गमगीन एक तप था, जो 11 सालों बाद हुआ पूरा! 38 थोपे केस ने भी थमने नहीं दिया जीत का सिलसिला।
बंगाल में भाजपा की फ़तह,क्यों दुखी न हो कैलाशजी,38 ऐसे केस थोपे गए,बंगाल प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव होते,आज एक और तप था,जो विजयवर्गीय का पूरा हो गया।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
पांच राज्यों के परिणाम जैसे आए है उनमें पश्चिम बंगाल के परिणामों ने इंदौर होते हुए भाजपा की नींव रखी थी। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जिस तरह से कैलाश विजयवर्गीय पर कुल 38 मुकदमें थोपे। जिनमें अगर कैलाश विजयवर्गीय की छबि से उनका आंकलन किया जाए तो कैलाश जी पर ऐसे और इस तरह के केस शोभा नहीं देते हैं। खैर यह सभी केस बतौर भाजपा में राष्ट्रीय महासचिव रहते और पश्चिम बंगाल प्रभारी होते हुए उन्हें झेलने पड़े थे। उस वक्त की बात की जाएं तो खुद भाजपा से ही जुड़े नेता बताते थे कि उस दौरान पश्चिम बंगाल में भाजपा का झंडा उठाना तक गुनाह करार दिया जाता था। आज उसी पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,गृहमंत्री अमित शाह,भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जोड़ी ने भाजपा का झंडा फहरा दिया हैं। इस भावुक पल में फिलहाल मध्यप्रदेश सरकार में नगरीय आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय गमगीन हो गए।

कुल 38 केस थोपे गए प्रभारी रहते हुए

कैलाश विजयवर्गीय को उस वक्त के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी टीम में लेते हुए 2015 में राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था और साथ ही उन्हें पश्चिम बंगाल प्रभारी भी। दरअसल यह दौर पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए बहुत बुरा बताया जाता था क्योंकि उस वक्त भाजपा की पश्चिम बंगाल में राजनीतिक पकड़ बहुत कमजोर थी। लेकिन हरियाणा फतेह करने के बाद प्रमोट हुए कैलाश विजयवर्गीय ने बंगाल में भाजपा की एक सटीक और विपक्ष को हिला देने वाली नींव रखी। जिसका परिणाम आज 11 सालों बाद 2026 में देखा जा सकता हैं। मगर इसके पूर्व विजयवर्गीय पर 38 केस जो कि देखते ही झूठे प्रतीत होते है ममता सरकार ने थोप दिए।