Morena Road Protest: मुरैना में नगर निगम के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन; बदहाल सड़क से भूत भगाने के लिए बुलाया तांत्रिक
मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का एक बेहद ही अजीबोगरीब और अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ की बदहाल और जानलेवा सड़कों से परेशान कॉलोनीवासियों ने प्रशासनिक लापरवाही और निगम अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राह चलते हर राहगीर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब सड़कों की मरम्मत नहीं हुई, तो स्थानीय लोगों ने बाकायदा एक तांत्रिक को मौके पर बुलाकर सड़क के बीचोंबीच विशेष तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ और शांति अनुष्ठान आयोजित करवा दिया।
वार्ड के लोगों का गंभीर आरोप है कि सड़कों की बदहाली और आए दिन होने वाले सड़क हादसों की लिखित व मौखिक जानकारी देने के बावजूद नगर निगम के जिम्मेदार इंजीनियर लगातार यही गैर-जिम्मेदाराना राग अलापते रहे कि सड़कें कागजों और जमीन पर पूरी तरह ठीक हैं और कहीं कोई समस्या नहीं है। जब जनसुनवाई में भी समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं हुआ, तो इसी हठधर्मिता से नाराज होकर वार्ड 15 के पूर्व पार्षद दिलीप सिंह राठौर के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों ने गुरुवार को बीच सड़क पर यह अनोखा स्वांग और प्रदर्शन रचा।
🏺 मटकी में कैद की गई गड्ढों की मिट्टी और गिट्टी: प्रदर्शनकारियों ने कहा—”अधिकारियों को गड्ढे नहीं दिखते, तो यहाँ भूत का साया है”
इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक दावों पर करारा तंज कसते हुए कहा कि जब नगर निगम के आला अधिकारी इन जानलेवा सड़कों को पूरी तरह सही और चकाचक बता रहे हैं, तो जरूर कोई न कोई अदृश्य नकारात्मक शक्ति ही बेकसूर लोगों को इन गड्डों में गिराकर चोटिल कर रही होगी। इसी व्यंग्यात्मक सोच के साथ लोगों ने तांत्रिक से सड़क पर बकायदा हवन और मंत्रोच्चार करवाया।
इतना ही नहीं, प्रदर्शन के दौरान सड़क के बड़े-बड़े गड्डों से निकली मिट्टी और नुकीली गिट्टी को एक कोरी मटकी में इकट्ठा करके भरा गया और तांत्रिक क्रिया के जरिए प्रतीकात्मक रूप से उन ‘सड़क दुर्घटना कराने वाली प्रेत आत्माओं’ को उस मटकी में कैद करने का दावा किया गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि अगर भारी भरकम वेतन पाने वाले प्रशासन और निगम अधिकारियों को सड़क के ये जानलेवा गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं, तो शायद यहाँ किसी भारी भूत-प्रेत का साया ही मंडरा रहा है, जो लोगों को रोजाना हादसों का शिकार बना रहा है। इस पूरे तमाशे को देखने के लिए अंबाह बायपास पर बड़ी संख्या में राहगीरों और स्थानीय लोगों का हुजूम जमा हो गया।
🕳️ ‘कायाकल्प योजना’ की उखड़ी परतें खोल रही हैं शहर की सड़कें: अंबाह बायपास रोड पर आए दिन हो रहे हैं गंभीर हादसे
आंदोलन कर रहे स्थानीय नागरिकों ने मीडिया को अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि अंबाह बायपास रोड समेत मुरैना शहर के आंतरिक हिस्सों को जोड़ने वाली कई मुख्य सड़कें इस समय बेहद दयनीय और जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं। आए दिन इन जानलेवा गड्ढों के चक्कर में बाइक सवार और ऑटो पलट रहे हैं, जिससे बुजुर्ग और स्कूली बच्चे लगातार घायल हो रहे हैं।
नागरिकों का सीधा आरोप है कि मुख्यमंत्री कायाकल्प जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत हाल ही में लाखों-करोड़ों रुपये का टेंडर जारी कर जो सड़कें बनाई गई थीं, वे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर महज कुछ ही महीनों की सामान्य बारिश में पूरी तरह उखड़ गईं। लेकिन सबसे शर्मनाक बात यह है कि तकनीकी जांच करने के बजाय जिम्मेदार अधिकारी अब भी केबिन में बैठकर सब कुछ ऑल-राइट होने का खोखला दावा ठोक रहे हैं।
🌊 मटकी को उज्जैन की क्षिप्रा नदी में करेंगे विसर्जित: पूर्व पार्षद का एलान—”लगातार 8 दिनों तक जारी रहेगा यह अनोखा आंदोलन”
प्रदर्शनकारियों ने अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि सड़क की गिट्टी-मिट्टी से भरी इस ‘तांत्रिक मटकी’ को वे लोग सामूहिक रूप से धार्मिक नगरी उज्जैन लेकर जाएंगे और वहां पवित्र क्षिप्रा नदी के त्रिवेणी संगम में पूरे विधि-विधान से विसर्जित करेंगे, ताकि मुरैना की सड़कों पर लगी यह तथाकथित प्रशासनिक और प्रेत बाधा हमेशा के लिए समाप्त हो सके। वार्ड वासियों का कहना है कि यह सिर्फ एक सामान्य विरोध नहीं है, बल्कि यह गूंगे-बहरे प्रशासन की घोर लापरवाही पर जनता का एक करारा और तीखा व्यंग्य (सटायर) है।
सड़क पर किया गया यह हाई-वोल्टेज और अनोखा प्रदर्शन अब इंटरनेट और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी तेजी से वीडियो के रूप में वायरल हो रहा है। लोग इस डिजिटल युग में विरोध के इस पारंपरिक और मजाकिया तरीके को देखकर तरह-तरह के कमेंट्स और मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि उनका यह जमीनी आंदोलन महज एक दिन का सांकेतिक प्रदर्शन नहीं है; उन्होंने विधिवत एलान किया है कि यह तांत्रिक प्रदर्शन आगामी 8 दिनों तक लगातार अलग-अलग चौराहों पर जारी रहेगा, क्योंकि नगर निगम में बैठी भ्रष्टाचार की यह ‘भूत बाधा’ इतनी आसानी से टलने वाली नहीं है।