Chhatrapati Sambhajinagar News: कुएं में मिट्टी धंसने से बड़ा हादसा, पानी निकालने गए पिता और 2 बेटों की मौत
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के सिल्लोड तहसील के धानोरा गांव से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां खेत में खोदे गए एक कुएं का हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे मिट्टी के मलबे में दबकर पिता और उनके दो बेटों की मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है. मृतकों की पहचान बाजीराव सरजेराव काकडे (49), उनके बेटे आजीनाथ काकडे (26) और शाम काकडे (22) के रूप में हुई है.
जानकारी के मुताबिक, बाजीराव काकडे अपने खेत में नया कुआं खुदवा रहे थे. करीब 50 फीट तक खुदाई पूरी हो चुकी थी और कुएं में पर्याप्त पानी भी आ गया था. साथ ही कुएं के किनारे सुरक्षा दीवार और कठड़े का निर्माण कार्य चल रहा था. सोमवार को कुएं में जमा पानी निकालने के लिए बाजीराव अपने दोनों बेटों के साथ नीचे उतरे थे.
बताया जा रहा है कि तीनों कुएं के अंदर काम कर रहे थे, तभी अचानक कुएं की ऊपरी दीवार और किनारे की मिट्टी भरभराकर नीचे गिर गई. देखते ही देखते भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा तीनों के ऊपर आ गिरा. हादसे के बाद तीनों करीब 50 फीट गहरे कुएं में दब गए और दम घुटने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया गया. ग्रामीणों ने पहले अपने स्तर पर मिट्टी हटाकर तीनों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन मलबा ज्यादा होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी. बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और बचाव अभियान चलाया गया. हालांकि तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी.
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से काकडे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. पूरे धानोरा गांव समेत सिल्लोड क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है. स्थानीय लोग इस घटना से बेहद दुखी हैं और लगातार पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं. प्रशासन की ओर से पंचनामा और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
इसी बीच राज्य के धराशिव जिले से भी एक दुखद घटना सामने आई है. परांडा तालुका के भोंजा गांव में एक कुएं में डूबने से 19 वर्षीय शुभम नानवरे की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि शुभम छुट्टियों में पुणे से अपने गांव आया था. परिवार के साथ कुएं में नहाने के दौरान वह गहराई का अंदाजा नहीं लगा सका और डूब गया. हालांकि परिवार के अन्य सदस्यों को बचा लिया गया, लेकिन शुभम की जान नहीं बच सकी.
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