मामला 100 करोड़ की जमीन की फर्जी NOC का, IDA की शिकायत पर पुलिस कर रही विवेचना,फर्जीवाड़ा करने वालों के मुगालते कुछ होने वाला नहीं जबकि अधिकारियों का कहना फर्जीवाड़ा करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा।
मामला 100 करोड़ की जमीन की फर्जी NOC का, IDA की शिकायत पर पुलिस विवेचना में,इधर फर्जीवाड़ा करने वालों को मुगालते कुछ होने जाने वाला नहीं।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
इंदौर विकास प्राधिकरण के समयपाल शिवम श्रीवास्तव ने अफसरों की नाक के नीचे से एक ऐसी योजना स्थित जमीन की फर्जी NOC जारी कर दी जिसे लेकर ida सुप्रीम कोर्ट तक केस जीत चुका हैं। और किसी भी स्थिति में यहां की जमीनों की इंदौर विकास प्राधिकरण noc जारी ही नहीं कर सकता हैं। जबकि उक्त noc का पूरा रिकॉर्ड ida ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट तक जमा कर रखा हैं। लेकिन इसके बावजूद भी फर्जी NOC जारी होने का खेल जारी रहा। लेकिन टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ऑफिस से आए ईमेल ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए थे। क्योंकि उक्त noc इंदौर विकास प्राधिकरण से जारी हुई ही नहीं थी। लिहाजा जब सीईओ डॉक्टर परीक्षित झाड़े ने उक्त मामले की जांच करवाई तो एक बड़े मामले का खुलासा हुआ। और TNC द्वारा भेजे गए ईमेल और उसमें अटैच NOC को देख अधिकारी भी हैरान थे। क्योंकि उक्त NOC में भू अर्जन अधिकारी से लेकर तत्कालीन सीईओ तक की साइन थी। उक्त मामले में IDA में ही पदस्थ समयपाल शिवम श्रीवास्तव की भूमिका संदेहास्पद मिली थी। क्योंकि समयपाल शिवम श्रीवास्तव ने उक्त TNC को ईमेल आईडीए की विधि शाखा से ही किया था। लिहाजा इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा उक्त मामले में पुलिस को शिकायत की गई थी। और फिलहाल पुलिस विवेचना जारी हैं। बताया जा रहा है कि उक्त मामले में शामिल लोगों पर धोखाधड़ी की धाराओं में प्रकरण दर्ज होना तय हैं। इधर उक्त पूरे मामले में शामिल समयपाल शिवम श्रीवास्तव फरार है लेकिन इससे ही जुड़े कुछ कर्मचारी अब IDA में माहौल बना रहे है और तो और यह कहने से नहीं चूक रहे है कि उक्त मामले में शिवम श्रीवास्तव का कुछ होने वाला नहीं हैं। वहीं दूसरी तरफ IDA के भू अर्जन अधिकारी सुदीप मीणा का कहना है कि किसी भी स्थिति ऐसे लोगों को बक्शा नहीं जाएगा जो फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।

जिसकी NOC वो बना रहा बहाने।
इधर जिस जमीन की IDA से फर्जी NOC जारी हुई। उसी जमीन के मालिक भाटिया ने इंदौर विकास प्राधिकरण को पत्र पर पत्र लिखते हुए खुद की जमीन की फर्जी NOC जारी होने पर अपनी और से IDA को जवाब दिया है कि उसे इस पूरे मामले की जानकारी नहीं है। NOC उसने जारी नहीं करवाई हैं लेकिन IDA अधिकारी इस बात को मानने को तैयार नहीं है कि जिस व्यक्ति की जमीन की फर्जी NOC जारी हुई। वह उक्त पूरे प्रकरण में शामिल न हो। लिहाजा अब पूरे मामले में पुलिस जांच पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। क्योंकि पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो जाएगा कि फर्जी NOC कांड में कौन कौन शामिल हैं।
हमने पुलिस कार्यवाही कर दी है और जांच जारी।

चर्चा में इंदौर विकास प्राधिकरण भू अर्जन अधिकारी सुदीप मीणा ने बताया कि IDA ने संबंधित मामले की शिकायत पुलिस विभाग में कर दी हैं। फिलहाल पुलिस विवेचना भी कर रही हैं। उसके बाद प्रकरण भी दर्ज किया जाएगा। भू अर्जन अधिकारी सुदीप मीणा ने कहा कि किसी भी स्थिति में फर्जीवाड़ा करने वाले कर्मचारी को IDA में अब इंट्री नहीं दी जाएगी।