Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE, पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में चाकुबाजी की घटना से मचा हड़कंप,वीडियो हो रहा वायरल,पुलिस की भूमिका... INDORE,सायबर क्राइम मास्टरमाइंड पर पुलिस का शिकंजा,क्राइम ब्रांच ने किया मल्टी स्टेट फ्रॉड सिंडिकेट ... INDORE, नगर निगम राजस्व मनमानियों का विभाग,मनोरंजन कर,यूनीपोल, लॉलीपॉप,राजस्व वसूली सभी में फिसड्डी,... INDORE,कनाडिया थाना क्षेत्र, संपत ग्रीन्स में चोरों का आतंक,लाखों की चपत लगा चुके अज्ञात चोर, दशहत म... INDORE,जोनल कार्यालय 11 वार्ड 60, निगम तोड़ेगा शकील ओलंपिक का अवैध निर्माण,खजराना स्थित एक और अवैध न... INDORE, स्मार्ट हक़ीकत,जमीन में उतरी नहीं केबलें,अफसरों की जालसाजी! स्मार्ट क्षेत्र, आसमान में लटकते... INDORE,भागीरथपुरा दूषित जलकांड,36 मौतों का कौन जिम्मेदार,600 पन्नो की सीलबंद रिपोर्ट में निगम अधिकार... INDORE, पुलिस का रक्षाबंधन त्यौहार पर महिलाओं को तोहफ़ा,सुरक्षा के तैनात रहेगा शक्ति मोबाइल दल। INDORE,यूनीपोल, लॉलीपॉप अवैध होर्डिंगों की शहर में बाढ़,PRJ OOH, सुपीरियर सर्विसेज एडवायइजिग कंपनी कर... INDORE, नशे की लत ने बनाया मोबाइल स्नेचर,पुलिस ने महज 12 घंटों में 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार,16 स्...

हमारी अनमोल धरोहर! 200 साल पुरानी दुर्लभ पाण्डुलिपियों को मिला नया जीवन, अब युवा पीढ़ी भी जान सकेगी प्राचीन इतिहास

28

रायपुर. नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है. प्राचीन और दुर्लभ पाण्डुलिपियों को सहेजने का काम ज्ञानभारतम् मिशन कर रहा है. करीब 200 वर्ष पुरानी ताड़पत्र पाण्डुलिपियों का संग्रहण न सिर्फ सांस्कृतिक धरोहर को बचा रहा है, बल्कि युवाओं के लिए ज्ञान की अमूल्य विरासत भी सुरक्षित कर रहा है.

ज्ञानभारतम् मिशन से सहेजी जा रही धरोहर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आह्वान पर शुरू किए गए ज्ञानभारतम् मिशन के तहत रायपुर जिले में प्राचीन पाण्डुलिपियों के संरक्षण और दस्तावेजीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है. इसका उद्देश्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल माध्यम से सुरक्षित रखना है.

200 वर्ष पुरानी दुर्लभ पाण्डुलिपियों का संग्रहण

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में कई स्थानों से दुर्लभ पाण्डुलिपियों का संग्रह किया जा रहा है. इसी कड़ी में सेजेज निवेदिता, गुरु नानक चौक रायपुर की व्याख्या नीतू शर्मा ने लगभग 200 वर्ष पुरानी पाण्डुलिपियों का संग्रहण किया है.

ताड़पत्र पर अंकित प्राचीन ज्ञान की विरासत

ये पाण्डुलिपियां डॉ. लक्ष्मीकांत पंडा के निवास से प्राप्त हुई हैं, जिनका मूल संबंध महासमुंद जिले के ग्राम बिरकोल से है. ताड़पत्र पर लिखी इन पाण्डुलिपियों में ज्योतिष और कर्मकांड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज हैं, जो उस समय की ज्ञान परंपरा को दर्शाती हैं.

युवा पीढ़ी के लिए ज्ञान का खजाना

उड़िया भाषा में लिखी ये पाण्डुलिपियां केवल ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपरा का जीवंत प्रमाण हैं. ज्ञानभारतम् पोर्टल के माध्यम से इन्हें सुरक्षित कर नई पीढ़ी को उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि युवा अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़ सकें.

संरक्षण से भविष्य की दिशा

ज्ञानभारतम् मिशन के जरिए ऐसे प्रयास न सिर्फ अतीत को संरक्षित कर रहे हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को अपनी पहचान समझने का अवसर भी दे रहे हैं. यह पहल सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ समाज में जागरूकता भी बढ़ा रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!