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मामला IDA में फर्जी एरियरकांड का,प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल ने सरकार के विरुद्ध बोर्ड सदस्यों से पास करवा दिया संकल्प, आईडीए को हुई लाखों की हानि अब चर्चा ये बोर्ड सदस्य क्यों नहीं दर्ज करवा रहे जिम्मेदारों पर आर्थिक अपराध का प्रकरण!

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मामला IDA में एरियर फर्जीवाड़े और आर्थिक अपराध का,

शासन से बड़ा इंदौर विकास प्राधिकरण का बोर्ड,सरकार की तय गाइडलाइन,ग्रेड पे को दरकिनार कर IDA में 30 लोगों को बंट गया लाखों रुपया,अब सवाल उठ रहा क्या IDA बोर्ड गलत जानकारी देने वाले प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल सहित अन्य तीस लोगों पर दर्ज करवाएगा आर्थिक अपराध का प्रकरण?

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।

इंदौर विकास प्राधिकरण बोर्ड सदस्यों जिनमें अध्यक्ष और संभागायुक्त डॉक्टर सुदामा खाड़े,कलेक्टर शिवम वर्मा,निगमायुक्त क्षितिज सिंघल,खुद इंदौर विकास प्राधिकरण सीईओ डॉक्टर परीक्षित झाड़े,और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग संयुक्त संचालक,सहित अन्य बोर्ड सदस्यों को झूठी और गलत जानकारी देते हुए इंदौर विकास प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल ने एक ऐसा संकल्प पास करवा लिया।

जिसमें बोर्ड सदस्यों ने मध्यप्रदेश सरकार को ही चुनौती दे डाली। दरअसल वह इसलिए क्योंकि बोर्ड सदस्यों ने समयपालों की तय ग्रेड पे 1800₹ की बजाय 1900₹ का निर्णय करवा लिया गया। जिसकी वजह से सरकार,इंदौर विकास प्राधिकरण को करोड़ों रुपए की आर्थिक हानि पहुंच गई। जबकि अब उक्त मामले के न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम के द्वारा पोल खोलने के बाद ida परिसर सहित पूरे शहरभर में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या अब इंदौर विकास प्राधिकरण बोर्ड ही इंदौर विकास प्राधिकरण प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल सहित अन्य तीस लोगों पर आर्थिक गबन,आर्थिक अपराध का मामला दर्ज करवाएगा या फिर अब लीपापोती शुरू हो गई हैं। लेकिन न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम उक्त पूरे मामले की शिकायत आर्थिक अपराध ब्यूरो,नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग मध्यप्रदेश,इंदौर विकास प्राधिकरण बोर्ड सदस्यों को कर कर रहा हैं ताकि सरकार को और आम जनता की गाढ़ी कमाई से जिस इंदौर विकास प्राधिकरण के खजाने को जमा किया गया हैं। उसमें सेंध लगाने वालों पर ठोस कार्रवाई तो हो साथ ही साथ इन ऐसे षड्यंत्रकारियों से वसूली भी की जा सके।

न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम के पास दो ऑर्डर,जो प्रतीत करते है बड़ी योजना।

न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम के पास दो ऑर्डर है। पहले ऑर्डर में सरकार और शासन द्वारा समयपालों हेतु ग्रेड पे 1800₹ तय की गई हैं। जबकि इंदौर विकास प्राधिकरण बोर्ड द्वारा इसी ऑर्डर के उल्टे समयपालों का ग्रेड पे 1900₹ कर दिया गया। बोर्ड को उक्त जानकारी या कहे यह षड्यंत्र रचा इंदौर विकास प्राधिकरण प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल ने,और इसी आधार पर बोर्ड सदस्यों ने उक्त संकल्प को पारित कर दिया। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल ने शासन द्वारा तय ग्रेड पे 1800₹ की जानकारी छुपाई। लिहाजा अब बोर्ड सदस्यों को झूठी जानकारी देने पर अपराध पंजीबद्ध करवाना चाहिए।

 

एरियर हथियाने के लिए जमकर हुआ था चंदा।

इधर न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम के एरियर कांड के खुलासे के बाद प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल सहित अन्य तीस लोगों में बोखलाहट हैं। वह इंदौर विकास प्राधिकरण में यह कहते भी नजर आ रहे हैं कि कुछ नहीं होना। पूरा खेल जमा जमाया हैं। लेकिन इसके पूर्व एरियर कांड को अंजाम देने के लिए जमकर चंदा वसूली हुई जो लाखों में थी। अब राशि भी बड़ी ही इकठ्ठा की गई थी। जो कि सभी में बंटी।

तमाम जिम्मेदार संज्ञान लेने में पीछे।

इधर न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम द्वारा समयपालों के ग्रेड पे शासन द्वारा तय किए जाने और ida बोर्ड सदस्यों को गलत जानकारी देने पर हुए एरियर कांड और इंदौर विकास प्राधिकरण को हुए आर्थिक नुकसान के बावजूद इंदौर विकास प्राधिकरण के बोर्ड सदस्य उक्त मामले में शामिल लोगों पर कार्यवाही करने में अभी भी पीछे हैं। जबकि हमेशा की तरह उक्त मामले को दबाने की कोशिश जारी हैं। लेकिन इतने बड़े आर्थिक अपराध के खुलासे के बावजूद ida के जिम्मेदारों ने उक्त मामले की जांच भी शुरू नहीं की हैं।

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