Rajasthan Health System: एंबुलेंस नहीं मिली तो साइकिल बनी सहारा! डीग में बुजुर्ग की मजबूरी देख पसीजा लोगों का दिल
Deeg News: राजस्थान के डीग जिला अस्पताल का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. अस्पताल, जहां लोगों को सहारा मिलना चाहिए, वहीं एक बुजुर्ग अपनी बीमार पत्नी को साइकिल पर बैठाकर इमरजेंसी वार्ड से बाहर ले जाता नजर आया. यह सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि उस मजबूरी की कहानी है, जहां उम्र के इस पड़ाव पर भी एक पति अपनी पत्नी का सहारा बना हुआ है.
बताया गया कि यह बुजुर्ग अपनी पत्नी को इलाज के लिए हर 4-5 दिन में अस्पताल लेकर आता है. न कोई एंबुलेंस, न स्ट्रेचर की सुविधा- बस एक पुरानी साइकिल और जिम्मेदारी का बोझ. वह अपनी पत्नी को उसी साइकिल पर बैठाकर अस्पताल के अंदर लाता है और इलाज के बाद वापस ले जाता है.
अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल परिसर में साइकिल ही नहीं, बल्कि बाइक तक अंदर चलती नजर आती हैं. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लोगों को रोक पाना आसान नहीं है. अस्पताल के PMO जितेंद्र फौजदार ने बताया कि यह वीडियो हमारे डीग अस्पताल का है. यह बुजुर्ग अपनी पत्नी को दिखाने के लिए हर 4 से 5 दिन में अस्पताल आता रहता है.
CMHO बोले- हम लोगों को रोक नहीं सकते
वहीं CMHO ने कहा कि यह वीडियो डीग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का है. हमारे पास इस बुजुर्ग की डिटेल्स नहीं है. कल अगर यह बुजुर्ग आता है तो इसके बारे में पता लग पाएगा. हम अस्पताल के अंदर साइकिल आने से नहीं रोक सकते. लोग साइकिल को अंदर ले आते हैं और फिर ले जाते हैं.
लोगों को वाहन चोरी होने का खतरा
CMHO ने कहा कि हम बुजुर्ग से यह भी नहीं कह सकते कि अम्मा को घसीटकर लेकर जाओ. लोग अस्पताल के अंदर बाइक भी ले आते हैं. यह लोग बाइक और साइकिल को बाहर कैसे खड़ी करें? अगर कोई चोरी कर ले गया तो.
यह घटना सिर्फ एक अस्पताल की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की तस्वीर है, जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी आम लोगों को खुद ही समाधान ढूंढने पर मजबूर कर देती है. एक बुजुर्ग का अपनी पत्नी के प्रति समर्पण और संघर्ष, जहां दिल को छूता है, वहीं यह सवाल भी खड़ा करता है…क्या इलाज के लिए भी अब सहारे की नहीं, साधनों की जरूरत ज्यादा हो गई है?
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.