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IDA,अपात्रों को भी आवंटित चार पहिया वाहन,वर्षों से ले रहे मजे,मुख्यालय छोड़ अन्य जिले से नियम विरुद्ध करते है आना जाना।

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इंदौर विकास प्राधिकरण,अपात्र भी ले रहे वर्षों से आईडीए की कार के मजे,मुख्यालय को छोड़ अन्य जिले से रोजाना आना जाना जारी।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।

इंदौर विकास प्राधिकरण के जिम्मेदारों की जितनी तारीफें की जाए उतनी कम हैं। क्योंकि जिम्मेदारों ने अपात्रों को भी कार आवंटन कर दी है। जो वर्षों से बिंदास इन आईडीए की कार ड्राइवर और पेट्रोल डीजल के आनंद ले रहे हैं। वो भी बिना कोई रोकटोक के। जबकि IDA के नियम कुछ और ही कहते हैं। लेकिन इसके उल्टे ida के ही इनमें से कुछ अधिकारी ऐसे है जो नियमों को ठेंगा बताते हुए इंदौर के आसपास जिलों से रोजाना आना जाना करते हैं। जबकि नियमों में साफ हवाला है कि कोई भी ida अधिकारी मुख्यालय छोड़ कहीं बाहर जाकर इंदौर विकास प्राधिकरण की इन कारों को बाहर ले जा नहीं सकता हैं। मगर अपात्र तो इन कारों के आनंद ले रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ यही अधिकारी बिना कोई फिक्र के नियमों तोड़ रहे हैं।

प्रशासनिक अधिकारी रोजाना करते है आना जाना।

दरअसल इंदौर विकास प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल जो कि देवास विकास प्राधिकरण में पिछले वर्षों पूर्व मस्टर कर्मचारी के तौर पर पदस्थ हुए थे। जो कि अब इंदौर विकास प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारी बन गए हैं। वह राजेंद्र पोरवाल रोजाना देवास से इंदौर आना जाना करते हैं। वह भी इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित की गई कार से। जिसे नियम अनुसार मुख्यालय छोड़ने की इजाजत नहीं हैं।

पोरवाल का ड्राइवर भी चर्चाओं में

इधर इंदौर विकास प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल का ड्राइवर भी ida में चर्चाओं का विषय हैं। क्योंकि यह ड्राइवर ida से सहायक प्रोग्रामर की सेलरी ले रहे हैं। वहीं ida के ही विश्वनीय सूत्र बताते है कि उक्त पोरवाल के ड्राइवर के पी सिंह को सहायक प्रोग्रामर के साथ साथ एक गार्ड सैलेरी, और ड्राइवर की सेलरी भी इंदौर विकास प्राधिकरण की तरफ से प्रतिमाह भुगतान की जा रही हैं। जिसकी भनक ida के वरिष्ठ अधिकारियों को बिल्कुल भी नहीं हैं।

आवंटित कार भी स्कीमों की।

 

दरअसल ida के ऐसे अधिकारियों को कार आवंटित कर दी गई हैं जिनका फील्ड से कोई लेना देना नहीं हैं। लेकिन फिर भी ऐसे अधिकारी आईडीए की कार के मजे ले रहे हैं। जबकि उक्त आवंटित कार स्कीमों की देखरेख निगरानी कामकाज हेतु आवंटित की गई हैं।

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