राजनांदगांव: शराब तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। बुधवार की देर रात बागनदी पुलिस ने तस्करों को पकड़ने के लिए नाकाबंदी लगाई। तभी अंतर्राज्यीय शराब तस्कर गिरोह के लोग गाड़ी से मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम को नाकाबंदी लगाए देख तस्कर भागने लगे। भागने के क्रम में तस्करों ने पहले तो पुलिस की नाकाबंदी तोड़ी, फिर पुलिस के खड़े वाहन में जोरदार टक्कर मार दी।
🚔 बागनदी पुलिस ने पीछा कर दबोचा: गड्ढे में गिरी तस्करों की बेकाबू कार
पुलिस टीम ने हिम्मत दिखाते हुए तस्करों का पीछा किया और उन्हें गाड़ी सहित धरदबोचा। भागने के चक्कर में तस्करों की गाड़ी बेकाबू होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा उतरी, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। गनीमत रही कि टक्कर के दौरान किसी पुलिसकर्मी को गंभीर चोट नहीं आई। इस पूरी कार्रवाई को बागनदी पुलिस ने साइबर थाना के साथ मिलकर अंजाम दिया।
🍾 15 लाख का माल बरामद: एमपी से छत्तीसगढ़ लाई जा रही थी शराब की खेप
जब गाड़ी की तलाशी ली गई तो उसमें से 15 लाख 17 हजार रुपये की अवैध शराब और वाहन बरामद किया गया। जब्त शराब की खेप को मध्य प्रदेश से लाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शराब की यह तस्करी एक लग्जरी गाड़ी की मदद से की जा रही थी ताकि किसी को शक न हो। पुलिस अब सप्लाई चेन के मुख्य सरगनाओं का पता लगा रही है।
📄 आरोपियों की पहचान और बरामदगी: 387 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त
पकड़े गए आरोपियों की पहचान किशन धीवर (दुर्ग) और करण केंवट (भिलाई) के रूप में हुई है। कार की तलाशी लेने पर 43 पेटी ‘गोवा व्हिस्की’ अंग्रेजी शराब मिली, जिसमें कुल 2150 पौवा यानी करीब 387 लीटर शराब बरामद हुई। जब्त शराब की कीमत लगभग 2.90 लाख और तस्करी में इस्तेमाल कार की कीमत लगभग 12 लाख रुपये बताई गई है।
🔍 पूछताछ में बड़े खुलासे: दो और फरार आरोपियों की तलाश तेज
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि शराब जेवरा सिरसा निवासी गोलू सरदार उर्फ सवेन्दर सिंह के लिए ले जाई जा रही थी, जबकि आमगांव निवासी सोनू ने यह खेप उपलब्ध कराई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत अपराध दर्ज किया है और फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
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