Janjgir Champa Murder: जांजगीर में सामूहिक हत्याकांड, बेटे ने ही माता-पिता और भतीजे-भतीजी को उतारा मौत के घाट
जांजगीर चांपा: शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के गांव भवतरा में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई। निर्माणाधीन घर के अंदर खाट पर चारों की खून से सनी लाश मिली, जिसे घर में निर्माण कार्य करने वाले मिस्त्री ने पहले देखा और गांव के सरपंच को इसकी सूचना दी। मृतकों की पहचान मेदनी प्रसाद कश्यप (65), पत्नी शांति बाई (62), नाती पीताम्बर कश्यप (17) और नातिन कुमारी मोगरा (13) के रूप में हुई है।
⚔️ बेटे ने ही उजाड़ दिया पूरा परिवार: आरोपी पहले भी काट चुका है 15 साल जेल
भवतरा गांव में उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब सामूहिक हत्याकांड की जानकारी मिली। सूचना पर शिवरीनारायण पुलिस, डॉग स्क्वायड और FSL की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक मेदिनी प्रसाद कश्यप के बेटे सोन साय और पोते गोलू को हिरासत में लिया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सोन साय ने ही पहले अपने भाई की भी हत्या की थी, जिस मामले में वह 15 साल जेल में रहा और दो साल पहले ही छूटकर घर आया था।
💰 पैतृक संपत्ति का खूनी विवाद: खानदान खत्म करने के इरादे से की हत्या
सरपंच राजा राम कश्यप ने बताया कि मेदनी कश्यप के पास लगभग 7 एकड़ जमीन है। मेदनी अपने मृत बेटों के बच्चों पीताम्बर और मोगरा का पालन-पोषण कर रहे थे। जेल से लौटने के बाद सोन साय अपने मन में पारिवारिक द्वेष रखता था। वह पैतृक संपत्ति हड़पने के लिए पूरे खानदान को समाप्त करने की बात कहता था। इसी रंजिश में बुधवार रात उसने अपने बेटे गोलू के साथ मिलकर अपने ही माता-पिता, भतीजे और भतीजी की धारदार हथियार से हत्या कर दी।
👮 पुलिस प्रशासन की कार्रवाई: एसपी निवेदिता पाल ने दी मामले की जानकारी
एसपी निवेदिता पाल ने बताया, “पूछताछ में पैतृक संपत्ति के बंटवारे का विवाद सामने आया है। सोन साय पहले भी अपने भाई की हत्या के आरोप में 15 साल जेल काट चुका है। यह भी पता चला है कि मृतक पिता ने अपने बेटे के खिलाफ परेशान करने की शिकायत दर्ज कराई थी। फिलहाल आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच की जा रही है।” पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने में लगी है ताकि उन्हें कड़ी सजा दिलाई जा सके।
🙏 गांव में शोक की लहर: ग्रामीणों के सहयोग से होगा अंतिम संस्कार
पैतृक संपत्ति के लालच ने भवतरा गांव के इस परिवार को पूरी तरह खत्म कर दिया। हालात इतने दुखद हैं कि मेदनी कश्यप, उनकी पत्नी और बच्चों का अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार में अब कोई वयस्क पुरुष नहीं बचा है। ग्रामीण अब आपसी सहयोग से चारों मृतकों के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं। इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है और गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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