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टैक्स लेने में नंबर 1, पानी देने में फेल! भीषण गर्मी में बूंद-बूंद को तरस रहे वार्डवासी, प्रशासन मौन

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खैरागढ़ : जिला मुख्यालय खैरागढ़ के वार्ड क्रमांक-1 पिपरिया से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है. जिसने शहर की मूलभूत सुविधाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. किसी परिवार को सात साल से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है, तो कोई मां अपने छोटे बच्चों को घर में बंद कर सिर पर बाल्टी रख पानी लाने मजबूर है. हैरानी की बात ये है कि नगर पालिका नल कनेक्शन और पानी टैक्स तो ले रही है, लेकिन कई घरों तक आज तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची.

पानी का जुगाड़ सबसे बड़ी मेहनत

पिपरिया वार्ड की गलियों में सुबह की शुरुआत पानी की तलाश से होती है.कहीं महिलाएं खाली बाल्टियां लेकर बोरिंग की ओर जाती दिखती हैं, तो कहीं परिवार निजी टैंकरों का इंतजार करता नजर आता है.इलाके में वर्षों पहले नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई थी. घर-घर नल कनेक्शन भी दिए गए, जिससे लोगों को उम्मीद थी कि अब पानी की समस्या खत्म होगी.लेकिन सालों गुजर जाने के बाद भी कई परिवारों के नलों से पानी नहीं निकला.

पिछले आठ वर्षों से मेरा परिवार अपने खर्च पर पानी खरीद रहा है. हर महीने टैंकर और पानी पर खर्च बढ़ता जा रहा है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं मिला.कई बार शिकायत करने के बाद भी हालात नहीं बदले- शबाना बेगम,वार्ड निवासी

प्रेमलता वर्मा का कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वार्ड की समस्या भूल जाते हैं.

पानी नहीं आने के बावजूद नगर पालिका नियमित टैक्स लिया जा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.हमने कई बार पानी का स्थायी समाधान मांगा लेकिन कोई जवाब नहीं आया- प्रेमलता वर्मा, वार्ड निवासी

वार्ड निवासी शेख इस्माइल ने बताया कि सात वर्षों में पानी खरीदने पर करीब एक लाख सत्तर हजार रुपये खर्च हो चुके हैं. अगर यही स्थिति रही तो आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा. वहीं केवड़ा मारकंडे की कहानी सबसे ज्यादा झकझोरने वाली है. उनका कहना है कि पानी लाने के लिए उन्हें कई बार छोटे बच्चों को घर में बंद करके बाहर जाना पड़ता है.

दूर से सिर पर बाल्टी उठाकर पानी लाना मेरी रोज की मजबूरी बन चुकी है. पाइपलाइन बिछाने के बाद जिम्मेदार विभाग ने कभी यह नहीं देखा कि वास्तव में जलापूर्ति हो रही है या नहीं- केवड़ा मारकंडे,

वहीं नगरपालिका सीएमओ का कहना है कि जल्द ही समस्या का समाधान होगा.

मुझे समस्या की जानकारी मिली है। जल्द ही तकनीकी जांच कर वार्ड में जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे- पुनीत वर्मा, सीएमओ

अब बड़ा सवाल यह है जब लोग सालों से पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो जिम्मेदार व्यवस्था आखिर कब जागेगी? क्योंकि शिकायतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रही. अब लोगों का सब्र जवाब देने लगा है और उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है.

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