राशन कार्ड धारकों की बल्ले-बल्ले! कोटेदारों की धांधली खत्म, अब 5G मशीनों और ‘फेस रीडिंग’ से मिलेगा पूरा राशन
चंडीगढ़: प्रदेश में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में 10 साल बाद 2जी का दौर खत्म कर 5 जी मशीनों की शुरुआत की गई है। पहले चरण में चार जिलों में 5जी मशीनों से राशन का वितरित की शुरुआत हुई है। अन्य जिलों में 31 मई तक 5जी मशीनों के संचालन का लक्ष्य निर्धारित है।
अब सभी राशन डिपो पर 2जी की जगह 5जी प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें लगेंगी जिसमें फेस रीडिंग और ई-तौल की दो नई सुविधाएं होंगी। खाद्य व आपूर्ति विभाग ने इसके लिए 100 करोड़ रुपये का टेंडर भी जारी किया गया है प्रदेश के करीब 9300 राशन डिपो पर लगी पुरानी और कंडम हो चुकी बायोमीट्रिक मशीनों के सर्वर बंद होने से हर माह लगभग 1.59 करोड़ लाभार्थियों को राशन वितरण में देरी और परेशानी होती थी।
ऑल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के मिडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी ने बताया कि 5जी मशीनों को अपडेट करने और 2जी के नहीं चलने के कारण राशन वितरण प्रणाली प्रभावित हुई है। मई के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अब तक कुल 39 लाख 92 हजार 202 राशन कार्डों में से 5 लाख 15 हजार 13 कार्डधारकों को राशन मिल चुका है। यानी राज्य में अभी तक लगभग 12.90 फीसदी राशन वितरण हुआ है।
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