श्योपुर: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में से एक बार फिर दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां मादा चीता केजीपी-12 के चार शावकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शावकों के शव आंशिक रूप से खाए गए हैं। शुरुआती जांच में मामला किसी जंगली जानवर के शिकार का माना जा रहा है। इस घटना के बाद वन विभाग और वन्य जीव प्रेमियों को बड़ा झटका लगा है। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कूनो पार्क सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को श्योपुर टेरिटोरियल डिवीजन स्थित मांद क्षेत्र के पास चारों शावकों के शव बरामद किए गए। इन शावकों का जन्म 11 अप्रैल 2026 को हुआ था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम तक सभी शावक स्वस्थ अवस्था में देखे गए थे। शुरुआती जांच में किसी जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमाटर्म रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। वन विभाग ने बताया कि मादा चीता सुरक्षित और स्वस्थ है।
घटना के बाद कूनो प्रबंधन और चीता मॉनिटरिंग टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में 33 भारतीय मूल के चीते और अन्य चीते मौजूद हैं। गांधी सागर अभयारण्य में मौजूद तीन चीतों को मिलाकर देश में कुल चीतों की संख्या अब 53 है। अधिकारियों ने बताया कि बाकी सभी चीते स्वस्थ और सामान्य स्थिति में हैं। इस घटना के बाद चीता परियोजना और वन्यजीव संरक्षण को लेकर फिर से चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों की नजर अब जांच और पोस्टमाटर्म रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
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