Ganga Expressway Alert: सीएनजी गाड़ी है तो सावधान! 594 किमी के सफर पर नहीं मिलेगा एक भी गैस पंप, पेट्रोल-डीजल को लेकर मिली राहत
हरदोई/लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ ही उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी का नया युग शुरू हो गया है। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को खोल दिया गया है। हालाँकि, पहले दिन यात्रियों के लिए ईंधन और सुरक्षा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां जारी की गई हैं।
1. ईंधन का संकट: सीएनजी चालकों के लिए ‘नो गैस’ जोन
अगर आप सीएनजी (CNG) वाहन से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी टंकी पहले ही फुल करवा लें।
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सीएनजी: वर्तमान में पूरे 594 किमी के स्ट्रेच पर एक भी सीएनजी पंप चालू नहीं है। अगले 1-2 दिनों में इनके शुरू होने की संभावना है।
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पेट्रोल और डीजल: हर 100 किमी पर पेट्रोल पंप बनाए गए हैं, जिनमें से अधिकतर आज दोपहर से सक्रिय कर दिए गए हैं।
2. टोल की नई तकनीक: ‘दूरी तय करो, पैसे दो’
एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट है:
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आज रात 12 बजे से टोल की कटौती शुरू होगी।
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यहाँ कोई फिजिकल टोल बूथ नहीं होगा जहाँ आपको रुकना पड़े।
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आपके वाहन के चढ़ने और उतरने के पॉइंट के आधार पर दूरी के अनुसार ऑटोमेटिक टोल कटेगा।
3. अभेद्य सुरक्षा: हर सेंटीमीटर पर डिजिटल नजर
एक्सप्रेसवे की सुरक्षा के लिए हाई-डेफिनिशन (HD) कैमरों का जाल बिछाया गया है:
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पावरफुल विजन: कैमरे 1.5 किलोमीटर दूर तक की स्पष्ट तस्वीर ले सकते हैं।
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स्मार्ट स्कैनिंग: टोल प्लाजा से 500 मीटर पहले ही गाड़ी स्कैन हो जाएगी।
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अधिकारियों का दावा है कि एक्सप्रेसवे का “हर सेंटीमीटर” कैमरों की जद में है, जिससे ओवरस्पीडिंग और दुर्घटनाओं पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी।
4. इमरजेंसी सुविधाएं और रेस्ट एरिया
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गोल्डन ऑवर रिस्पॉन्स: हर टोल बूथ और रेस्ट एरिया पर एम्बुलेंस और इमरजेंसी मेडिकल किट तैनात की गई है ताकि हादसे के तुरंत बाद घायलों को उपचार मिल सके।
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यात्री सुविधाएं: रेस्ट एरिया में होटल, रेस्टोरेंट और वॉशरूम की सुविधा उपलब्ध है।
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