131st Amendment Bill: ‘विधेयक पारित नहीं होने देंगे’, झामुमो ने केंद्र के खिलाफ खोला मोर्चा; जानें क्यों विरोध कर रही है JMM
रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने भाजपा और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय संसद के विशेष सत्र के दौरान 131वां संविधान संशोधन बिल पेश किया गया, उसने यह इंगित कर दिया कि महिलाओं को ढाल बनाकर केंद्र की सरकार संविधान और संघीय ढांचा को नकारते हुए छद्म लोकतंत्र के द्वारा लोगों के मताधिकार का हरण करने का प्रयास कर रही है.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि वर्ष 2023 में महिलाओं को लोकसभा, विधानसभा में 33% आरक्षण लागू करने का कानून संसद से सर्वसम्मति से पास हुआ था. इसमें अनुच्छेद 344 की एक उपधारा भी जोड़ दी गयी, लेकिन दुखद पहलू यह है कि उस कानून को 03 वर्षों तक लागू न कर फिर से एक संविधान संशोधन आ गया, यह साफ करता है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का मुख्य एजेंडा महिला आरक्षण लागू करना नहीं बल्कि परिसीमन था.
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे जितनी भी चालाकी कर ले लेकिन उसकी वह चालाकी पकड़ में आ ही जाती है. झामुमो का सवाल है कि जब महिला आरक्षण की आड़ में लोकसभा और राज्यों की विधानसभा की वर्तमान सीट में 50% सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव है तो फिर कई राज्यों की विधानपरिषद और राज्यसभा की सीटें क्यों नहीं बढ़ाने जा रहे हैं. दरअसल 2029 के चुनाव में मताधिकार का हरण करके केंद्र की सरकार सत्ता में येन केन प्रकारेण बने रहना चाहती है, इसलिए महिला आरक्षण की आड़ में मोदी सरकार यह खेल कर रही है.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि गलत करने वाले पकड़ में ऐसे ही आते है क्योंकि वह कहीं न यहीं अपने गलत करने का सबूत छोड़ देते हैं, महिला आरक्षण की आड़ में लोकतंत्र चोरी करने की भाजपा की मंशा थी. विपक्ष की राजनीति करने वाले दलों ने जब मोदी सरकार की करतूत पकड़ ली तो देश के गृहमंत्री को आंखें नीची कर लज्जा से हंसना पड़ गया.
झामुमो नेता ने कहा कि हम सब महिला आरक्षण के पक्षधर हैं लेकिन 2023 में जो लागू हुआ, हम उसे लागू करने के पक्षधर नहीं. सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि जब जनगणना हो ही रही है तो 15 साल पुराने 2011 की जनगणना पर ही आरक्षण और परिसीमन की हड़बड़ी केंद्र की सरकार को क्यों है? सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि आरएसएस की मनुवादी सोच से क्या भाजपा ने खुद को अलग कर लिया है क्योंकि जिन महिलाओं में सृजन, प्रजनन और सृष्टि निर्माण की क्षमता होती है, उस जननी के बारे में मनुस्मृति में क्या-क्या नहीं कहा गया है.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार में संसदीय परंपरा है ही नहीं. नेता प्रतिपक्ष के बोलने के बाद सत्ता दल के नेता का भाषण होता और उसके बाद मत विभाजन होता है. आज वह परंपरा भी टूट गयी. विशेष सत्र के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि 140 करोड़ लोगों ने प्रधानमंत्री बनाया है, यह हंसी की बात है क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में महज 38% लोगों ने पीएम मोदी को पीएम बनाया है, जबकि 62% लोगों ने उनका पीएम बनने के खिलाफ वोट दिया था.
झामुमो नेता ने कहा कि दरअसल 2029 की तैयारी में अभी से लग गयी भाजपा जनगणना के बिना परिसीमन करना चाहती है ताकि पिछड़े वर्गों के अधिकार की हकमारी वह कर सके. अन्यायपूर्ण विधेयक पारित नहीं हो, इसकी हर कोशिश झामुमो करेगा.
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