Ranchi News: इंटरनेशनल वॉलीबॉल ट्रायल का मंच बना रांची, लेकिन मेजबान झारखंड को टीम में नहीं मिली जगह; विवाद शुरू
रांची: राजधानी रांची का हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम इन दिनों देशभर के उभरते खिलाड़ियों की ऊर्जा और उत्साह से गुलजार है. यहां वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल और बास्केटबॉल चैंपियनशिप (अंडर-18) के लिए चयन ट्रायल का आयोजन किया जा रहा है. यह ट्रायल 22 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं.
इस महत्वपूर्ण आयोजन की जिम्मेदारी झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को राष्ट्रीय स्कूली खेल संगठन (SGFI) द्वारा सौंपी गई है. यह अपने आप में राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. परिषद के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी सह आयोजन सचिव धीरसेन ए. सोरेंग ने बताया कि झारखंड को पहले भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी का अनुभव है और उसी भरोसे के आधार पर इस बार दो अंतरराष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया यहां आयोजित की जा रही है.
1 से 10 जुलाई तक चीन में वॉलीबॉल चैंपियनशिप
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वॉलीबॉल चैंपियनशिप 1 से 10 जुलाई तक चीन में, जबकि बास्केटबॉल चैंपियनशिप 13 से 22 जून तक सर्बिया में आयोजित होगी. इन प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय टीम के चयन के लिए यह ट्रायल बेहद अहम है, यहां से चुने हुए खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेंगे और अंतिम चयन के बाद देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.
वॉलीबॉल ट्रायल में दिखा कड़ा मुकाबला
वॉलीबॉल के ट्रायल में बालक और बालिका दोनों वर्गों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं. बालक वर्ग का चयन 15 और 16 अप्रैल को हुआ, जिसमें कुल 76 खिलाड़ियों ने भाग लिया था. ये खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्गों की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और पूर्व कैंप से चुने गए थे.
73 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया
वहीं बालिका वर्ग का ट्रायल 17 और 18 अप्रैल को आयोजित किया गया, जिसमें 73 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. कोर्ट पर खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, यहां हर खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकता नजर आया.
बास्केटबॉल ट्रायल की भी तैयारी पूरी
बास्केटबॉल के लिए बालक वर्ग का ट्रायल 20 और 21 अप्रैल को ट्रायल होगा. वॉलीबॉल के बाद अब बास्केटबॉल के खिलाड़ियों की बारी है. अंडर-18 बास्केटबॉल के लिए बालक वर्ग का ट्रायल 20 और 21 अप्रैल को जबकि बालिका वर्ग का 22 और 23 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा. इसमें भी देशभर के चयनित खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जो पहले राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं.
झारखंड के खिलाड़ियों पर भी नजर
इस पूरे आयोजन में झारखंड के खिलाड़ियों की भागीदारी भी चर्चा में है. खासकर बास्केटबॉल में राज्य की स्नेहा और संदीप ने अपने प्रदर्शन के दम पर चयन ट्रायल तक जगह बनाई है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है.
वॉलीबॉल में झारखंड के एक भी खिलाड़ी नहीं
हालांकि वॉलीबॉल के बालिका वर्ग में स्थानीय खिलाड़ियों को सफलता नहीं मिल सकी है. फिर भी उन्होंने इसे सीखने का बड़ा अवसर बताया. खिलाड़ियों ने कहा कि यहां उन्हें उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिल रहा है, जो उनके खेल को और बेहतर बनाएगा.
इंफ्रास्ट्रक्चर और आयोजन की सराहना
बाहर से आए खिलाड़ियों और चयनकर्ताओं ने रांची के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की. खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम की सुविधाएं और आयोजन का स्तर काफी बेहतर है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय माहौल में खेलने का अनुभव मिल रहा है. वही चयनकर्ताओं ने भी कहा कि यहां देशभर से प्रतिभाशाली खिलाड़ी पहुंचे हैं और भारतीय टीम के गठन के लिए कड़ा चयन किया जा रहा है. उनका मानना है कि इस ट्रायल से एक मजबूत टीम तैयार होगी, जो वर्ल्ड स्कूल गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करेगी.
देश का प्रतिनिधित्व करने का सुनहरा मौका
इस ट्रायल का सबसे बड़ा आकर्षण यही है कि यहां से चयनित खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में जगह मिलेगी. इसके बाद अंतिम चयन के जरिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा. रांची में आयोजित यह ट्रायल न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच है, बल्कि झारखंड के खेल जगत के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य को खेल मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिला रहा है.
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