Dhanbad News: धनबाद की 100 साल पुरानी बस्ताकोला गौशाला पर संकट, BCCL के नोटिस से बढ़ी शिफ्टिंग की चिंता
धनबाद: बस्ताकोला की ऐतिहासिक गौशाला, जो पिछले 105 वर्षों से निरंतर गौसेवा का कार्य करती आ रही है, आज संकट के दौर से गुजर रही है. लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में फैली यह गौशाला न सिर्फ सैकड़ों गायों का आश्रय स्थल है, बल्कि क्षेत्र की आस्था और परंपरा का भी केंद्र रही है. अब इस गौशाला पर शिफ्टिंग का खतरा मंडरा रहा है.
गौशाला स्थानांतरण से लोगों में बढ़ी चिंता
प्रस्तावित स्थानांतरण को लेकर स्थानीय लोगों और गौशाला प्रबंधन में चिंता बढ़ गई है. उनका कहना है कि इतने बड़े स्तर पर गौशाला को दूसरी जगह स्थानांतरित करना आसान नहीं होगा. खासकर तब, जब यहां सैकड़ों गायों की देखभाल की जिम्मेदारी है. गौशाला से जुड़े लोगों का मानना है कि यह सिर्फ एक स्थान नहीं, बल्कि वर्षों से जुड़ी सामाजिक और धार्मिक भावना का प्रतीक है. ऐसे में इसे हटाने का निर्णय कई सवाल खड़े कर रहे हैं.
उचित मुआवजे के बाद ही जमीन छोड़ने पर विचार करेंगे: गौशाला सचिव
गौशाला के सचिव मुरलीधर पोद्दार ने स्पष्ट कहा कि बीसीसीएल गौशाला की जमीन कोयला निकालने के लिए लेना चाहती है. उन्होंने कहा कि यदि गौशाला को किसी अन्य स्थान पर समुचित सुविधाओं के साथ जमीन उपलब्ध कराई जाती है, तभी वे वर्तमान जमीन छोड़ने पर विचार करेंगे. अन्यथा, बीसीसीएल से उचित मुआवजे की मांग की जाएगी. उन्होंने बताया कि इस जमीन की सरकारी दर करीब 4 लाख रुपए प्रति डिसमिल है और मुआवजा मिलने की स्थिति में ही गौशाला को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा.
बीसीसीएल एक चुनौतीपूर्ण सब्सिडियरी है: सीएमडी
मामले को लेकर बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने संतुलित प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि बीसीसीएल एक चुनौतीपूर्ण सब्सिडियरी है, जहां चुनौतियों के साथ अवसर भी मौजूद है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसे आपसी बातचीत से सुलझाया न जा सके. सीएमडी मनोज कुमार ने कहा कि इस मामले का समाधान संवाद के जरिए ही निकाल लिया जाएगा.
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