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Hazaribagh BJP Rift: हजारीबाग में सांसद बनाम विधायक; प्रदीप प्रसाद ने मनीष जायसवाल को दी ‘धृतराष्ट्र’ की संज्ञा

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हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। हजारीबाग के सदर विधायक और हजारीबाग के वर्तमान सांसद एक-दूसरे पर सीधे तौर पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जिसने यह पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि दोनों शीर्ष नेताओं के बीच की दूरी अब एक गहरी खाई में तब्दील हो चुकी है। हजारीबाग में पिछले दिनों एक सार्वजनिक मंच से सांसद मनीष जायसवाल ने विधायक प्रदीप प्रसाद को ‘उदंड’ तक कह डाला था। इस कड़े बयान पर पलटवार करते हुए अब विधायक प्रदीप प्रसाद ने सांसद को ‘धृतराष्ट्र’ की संज्ञा दे दी है। विधायक ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि सांसद महोदय को अब अपनी आंखों से पुत्रमोह या व्यक्ति विशेष की पट्टी खोलनी चाहिए और देखना चाहिए कि हस्तिनापुर (हजारीबाग) की वर्तमान स्थिति क्या हो चुकी है।

📖 हाथ में पवित्र ‘गीता’ रखकर विधायक ने खाई कसम: बोले- “मैं सनातनी हूं झूठ नहीं बोलूंगा”, सांसद पर लगाए गंभीर आरोप

हजारीबाग संसदीय क्षेत्र में सांसद और विधायक दोनों ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनकर आए हैं। लेकिन इन दोनों शीर्ष सनातनी नेताओं के सुर पिछले कुछ दिनों से कुछ इस अंदाज में चल रहे हैं कि जिले का हर आम नागरिक और राजनीतिक विश्लेषक यह सोचने को विवश हो गया है कि संगठन के भीतर संबंधों में भारी खटास आ चुकी है। इस विवाद को नया मोड़ देते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने एक हाई-प्रोफाइल प्रेस वार्ता बुलाई और वहां टेबल पर हाथ में पवित्र ‘गीता’ रख कर कसम खाते हुए अपनी बातों को मीडिया के सामने रखा। उन्होंने कहा, “मैं एक सच्चा सनातनी हूं, इसलिए गीता हाथ में लेकर कह रहा हूं कि मैं झूठ नहीं बोलूंगा।” प्रदीप प्रसाद ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद मनीष जायसवाल की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर और हैरान करने वाले आरोप मढ़े। हजारीबाग के संजय सिंह क्रिकेट स्टेडियम की बाउंड्री से शुरू हुआ यह व्यक्तिगत विवाद अब आधिकारिक प्रेस वार्ताओं और खुले राजनीतिक युद्ध तक पहुंच चुका है।

🏹 सांसद ने विधायक को दी थी ‘लक्ष्मण’ की संज्ञा: कहा था—छोटा भाई उदंड हो जाएगा, तो पैर पकड़ने वालों में से मैं नहीं

इस विवाद की पृष्ठभूमि में सांसद मनीष जायसवाल ने कुछ दिनों पहले प्रदीप प्रसाद को अपने छोटे भाई यानी ‘लक्ष्मण’ की संज्ञा दी थी। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में कहा था कि उनका यह छोटा भाई अब पूरी तरह ‘उदंड’ हो गया है। सांसद ने स्पष्ट किया था कि यदि छोटा भाई अपनी मर्यादा भूलकर उदंड हो जाएगा, तो वह उसका पैर पकड़ने वाले नेताओं में से बिल्कुल नहीं हैं। छोटे भाई को भी अपने बड़े भाई को उचित इज्जत और राजनीतिक सम्मान देने की जरूरत है। हालांकि, मनीष जायसवाल ने यह भी जोड़ा था कि हजारीबाग में क्रिकेट और खेल के विकास के लिए यदि जरूरत पड़ी तो वह किसी के भी पैर पकड़ सकते हैं। संबंधों में आई इस कड़वाहट पर नरमी दिखाते हुए उन्होंने पूर्व में कहा था कि अगर प्रदीप प्रसाद उनके पास आएंगे, तो वह उन्हें सहर्ष गले भी लगा लेंगे।

🏏 जिला क्रिकेट एसोसिएशन (HDCA) पर व्यक्ति विशेष को खुश करने का आरोप: “खेल संस्थाओं पर लागू है एकाधिकार”

सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने प्रेस वार्ता के दौरान हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन पर पक्षपात करने के बेहद गंभीर और नीतिगत आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि यह पूरी खेल एसोसिएशन किसी खेल भावना से नहीं, बल्कि एक ‘व्यक्ति विशेष’ को खुश करने के घटिया उद्देश्य से कार्य कर रही है, जिसे हजारीबाग की जागरूक जनता और खेल प्रेमी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रिकेट जैसी बेहद लोकप्रिय खेल संस्था को कुछ प्रभावशाली लोगों के निजी इशारों और प्रभाव में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग में कई ऐसे प्रतिष्ठित लोग हैं जो इसके सदस्य बन सकते हैं, लेकिन नियम यह बना दिया गया है कि जो सांसद की तरफदारी नहीं करेगा, उसे सदस्य नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह और भैया अभिमन्यु प्रसाद जैसे सम्मानित लोग इसके मेंबर बनना चाहते हैं, लेकिन सिंडिकेट के कारण उन्हें रोका जा रहा है क्योंकि यहाँ खेलों में ‘एकाधिकार’ लागू है।

🏛️ गोशाला से लेकर हजारीबाग की गरिमा वाली जगहों पर कब्जे का दावा: विधायक ने कहा—हजारीबाग को बर्बाद नहीं होने देंगे

विधायक प्रदीप प्रसाद का हमला सिर्फ क्रिकेट एसोसिएशन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने सांसद मनीष जायसवाल पर सीधे तौर पर कई और मोर्चों पर कब्जा करने के संगीन आरोप लगाए। विधायक ने दावा किया कि गोशाला (Gaushala) से लेकर हजारीबाग शहर की कई अन्य ऐतिहासिक और गरिमा वाली जमीनों और जगहों पर एक ‘व्यक्ति विशेष’ का अवैध रूप से कब्जा कराया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “हस्तिनापुर को बचाने के लिए धृतराष्ट्र बने सांसद को अब अपनी आंखें खोलनी ही होंगी, नहीं तो जिस तरह महाभारत में हस्तिनापुर पूरी तरह बर्बाद हुआ था, ठीक उसी तरह हमारा प्यारा हजारीबाग भी इन भू-माफियाओं और कब्जाधारियों के कारण बर्बाद हो सकता है।” जब मीडिया ने उनसे पूछा कि सांसद स्वयं को राम और आपको लक्ष्मण कह रहे हैं, तो प्रदीप प्रसाद ने कहा कि इसका अंतिम जवाब तो समय आने पर मर्यादा पुरुषोत्तम राम ही देंगे।

🏑 फ्रेंडली मैच के दौरान हुए हंगामे से जुड़ी है विवाद की असली जड़: मैच की सूचना न देने पर भड़के थे विधायक

इस पूरे हाई-प्रोफाइल राजनीतिक विवाद की असली जड़ पिछले दिनों हजारीबाग के प्रसिद्ध संजय सिंह स्टेडियम में आयोजित एक ‘फ्रेंडली क्रिकेट मैच’ से जुड़ी हुई है। उस मैच के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने अचानक स्टेडियम पहुंचकर बीच पिच पर भारी हंगामा खड़ा कर दिया था। उन्होंने सरेआम आरोप लगाया था कि खेल आयोजकों और सांसद समर्थकों द्वारा उन्हें हमेशा स्टेडियम और अन्य खेल मंचों पर जानबूझकर अपमानित किया जाता है। जिले में कभी भी किसी बड़े मैच या आयोजन के दौरान उन्हें प्रोटोकॉल के तहत आमंत्रित तक नहीं किया जाता है। विधायक ने कहा कि फ्रेंडली मैच के दौरान कागजों पर टीम में उनका नाम तो रख दिया गया था, लेकिन उन्हें इसकी लिखित या मौखिक सूचना तक नहीं दी गई। जब उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों से जानकारी मांगी, तो बात को टाल दिया गया। प्रदीप प्रसाद ने उस दौरान स्टेडियम में मैच न होने देने की बात भी कही थी। इन तीखे बयानों के बाद अब जिले की राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है और यह मामला भाजपा आलाकमान तक पहुंच चुका है।

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