चंदन नगर नामकरण मामला,यातायात विभाग के खिलाड़ियों के आगे महापौर-निगम कमिश्नर असहाय, जादूगरों पर कार्यवाही की सिर्फ हो रही बात।
चंदन नगर नामकरण मामला,
गुनाह सामने,सबूत की भी बात,दोषी अधिकारियों पर क्यों नहीं आ रही आंच। महापौर के कहने के बावजूद भी FIR नहीं,

✍️ अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
चंदन नगर नामकरण मामले ने शहर में लगाए जा रहे नामकरण बोर्ड में हो रहे नगर निगम इंदौर के यातायात विभाग के खेल उजागर कर के रख दिया हैं कि किस तरह से बिना महापौर परिषद की अनुमति के नगर निगम के कमिश्नर शिवम वर्मा को भनक लगे नगर निगम यातायात विभाग से बिलों का भुगतान तक हो रहा हैं।

चंदन नगर नामकरण मामले में, नाम सामने लेकिन कार्यवाही जीरो।
यातायात विभाग के अपर आयुक्त नरेंद्रनाथ पांडे, उपयंत्री और विशाल राठौड़ सहित अन्य कई खिलाड़ियों की सांठगांठ सामने आ रही हैं। मामला बिल्कुल दूध का दूध और पानी के पानी जैसा हैं। लेकिन फिर भी महापौर पुष्यमित्र भार्गव के FIR करने की बातें बोलने के बावजूद भी नगर निगम के जिम्मेदार चंदन नगर थाने तक जाकर FIR करने की जहमत क्यों नहीं उठा रहे हैं।
उपयंत्री राठौड़ है बड़ा खिलाड़ी,मालदार जोनल पर काफी अच्छी जमावट।

इधर चंदन नगर नामकरण मामले सहित यातायात विभाग के खिलाड़ियों में उपयंत्री विशाल राठौड़ का नाम बार बार उछल उछल कर सामने आ रहा हैं लेकिन फिर भी जिम्मेदारों ने ऐसे निगम कर्मचारी को उल्टे नगर निगम के मालदार जोनल कार्यालयों का बिल्डिंग इंस्पेक्टर बना रखा हैं। वह एक नहीं बल्कि तीन से ज्यादा। आखिर उपयंत्री विशाल राठौड़ पर किसका हाथ हैं जिसके आगे नगर निगम महापौर पुष्यमित्र भार्गव,नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा असहाय नजर आ रहे हैं।