खुद कांग्रेसियों में ही चली चर्चा, जिम्मेदार सिर्फ मीटिंग कर,लेते हैं इतिश्री,
फोटोबाजी और फिर कांग्रेस हो जाती धड़ाम।
अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
कांग्रेसियों ने 26 मई को उत्साह ही उत्साह में सत्तारूढ़ भाजपा की तिरंगा यात्रा के जवाब में जय हिंद तिरंगा यात्रा की घोषणा तो कर दी हैं। लेकिन अब दबी जुबान में शहर और जिले के कांग्रेसियों में एक ही चर्चा है कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष और साथ ही जिलाध्यक्ष बाहर से आएं, प्रभारी कांग्रेसियों के सामने बातें तो बड़ी बड़ी करते है। लेकिन यह दावे और बातें सिर्फ बातें ही रह जाती है। इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जुड़े यह दोनों ही पदाधिकारियों पर पार्टी द्वारा प्रभारी बनाए गए नेताओं की कमान तक नहीं हैं, क्योंकि प्रदेशाध्यक्ष पटवारी के पट्ठे होने की वजह यह प्रभारी नेता शहर कांग्रेस और जिला कांग्रेस पर कोई उचित कार्यवाही तक नहीं पर पाते है। बताया जाता है कि इंदौर की ढ़िलपोल की जानकारी भोपाल तक तो पहुंचती है लेकिन जानकारी रद्दी में डाल दी जाती है। इधर शहर कांग्रेस और जिला कांग्रेस से जुड़े ऐसे कांग्रेसियों की पीड़ा का अब कोई उपचार भी नहीं है। क्योंकि कार्यवाही करेंगे कौन। इसके अलावा पार्टी कार्यक्रम में शहर और जिला कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी आते है और फोटोबाजी कर चले जाते है। लेकिन संख्या बल के मामले कांग्रेस काफी फिसड्डी साबित होती है। कभी पार्षद नदारद तो कभी कोई। इन हालातों में 26 मई को इंदौर में आयोजित जय हिंद तिरंगा यात्रा को लेकर भी यहीं अनुमान लगाया जा रहा है कि रस्म अदायगी की उक्त रस्म में जो मुट्ठीभर शामिल होते है वहीं आयेंगे और फोटो खिंचवाकर चले जाएंगे।
¢
