Indore Road Widening: इंदौर के जिंसी में चला नगर निगम का बुलडोजर; सड़क चौड़ीकरण के लिए तोड़े गए 100 साल पुराने मकान
इंदौर: मध्य प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के ऐतिहासिक बड़ा गणपति और जिंसी क्षेत्र की पुरानी व संकरी सड़कों पर वाहनों के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को स्थायी रूप से कम करने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने कमर कस ली है। जिंसी मुख्य मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण (Road Widening Project) की राह में आ रहे बाधक निर्माणों को ढहाने की बड़ी दंडात्मक कार्रवाई गुरुवार से आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। इस बड़ी मुहिम के दौरान क्षेत्र में बने कई दशक पुराने और कुछ तो 100 साल से भी अधिक प्राचीन मकानों व दुकानों के बाधक हिस्सों को भी पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया। गुरुवार सुबह नगर निगम का रिमूवल अमला करीब 50 से अधिक मुस्तैद कर्मचारियों, पोकलेन और बुलडोजरों के भारी अमले के साथ अचानक मौके पर पहुंचा, जिसे देखकर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
🚜 महज दो घंटे में ढहाए गए 30 से अधिक बाधक निर्माण: 60 फीट चौड़ी सड़क की राह में रोड़ा बने थे 170 से ज्यादा मकान
नगर निगम के रिमूवल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टीम ने मौके पर पहुंचते ही बिना कोई वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई शुरू की और महज दो घंटे की कड़ी मशक्कत के भीतर ही 30 से अधिक पक्के और कच्चे निर्माणों को पूरी तरह मलबे में तब्दील कर सड़क चौड़ीकरण के लिए रास्ता साफ कर दिया। गौरतलब है कि पिछले एक माह से निगम की समझाइश के बाद कई जागरूक रहवासी स्वेच्छा से (अपनी मर्जी से) सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले अपने मकानों व दुकानों के हिस्सों को खुद ही हथौड़े चलाकर हटा रहे थे। निगम के मास्टर प्लान और आधिकारिक सर्वे के अनुसार, इस 60 फीट चौड़ी बनने वाली चमचमाती सड़क की राह में कुल 170 से अधिक निर्माण पूरी तरह बाधक बने हुए हैं। जिन भू-स्वामियों ने बार-बार नोटिस मिलने के बाद भी स्वयं से बाधक निर्माण नहीं हटाए थे, उनके मकानों को गुरुवार को निगम के पीले पंजे ने जमींदोज कर दिया।
⚡ सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की बिजली की गई थी गुल: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल रहा तैनात
नगर निगम की इस बड़ी और संवेदनशील कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय तकनीकी दुर्घटना या बिजली के तारों की चपेट में आने जैसी घटना को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर कार्रवाई शुरू होने से ठीक पहले ही पूरे जिंसी और आसपास के रिहायशी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति (पावर कट) पूरी तरह बंद कर दी गई थी। इसके साथ ही, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों के संभावित उग्र विरोध को शांत करने और कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुचारू बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और निगम के सुरक्षा गार्ड्स चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे। निगम कमिश्नर के मुताबिक, इंदौर शहर को पूरी तरह ट्रैफिक जाम मुक्त बनाने के लिए आने वाले दिनों में भी इस मार्ग पर बचे हुए बाधक निर्माणों को हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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