Indore Fraud Case: इंदौर में चिटफंड कंपनी पर दिल्ली पुलिस का बड़ा छापा; BJT ग्लोबल के दफ्तर से कई कर्मचारी हिरासत में
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के पॉश इलाके में संचालित हो रही एक कथित चिटफंड कंपनी पर दिल्ली पुलिस की टीम ने अचानक दबिश देकर बड़ा एक्शन लिया है। दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने इंदौर के आरएनटी मार्ग स्थित ‘बीजेटी ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड’ (BJT Global Pvt Ltd) कंपनी के ऑफिस में छापा मारकर वहां काम करने वाले कई लोगों को हिरासत में लिया है। इस कंपनी पर सीधे तौर पर सीधे-साधे लोगों को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर निवेश कराने की आड़ में लाखों रुपये की धोखाधड़ी और गबन करने का गंभीर आरोप है। छापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कार्यालय से कई महत्वपूर्ण हार्ड डिस्क, मुख्य कम्प्यूटर और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया है।
🏢 आरएनटी मार्ग के कार्पोरेट हाउस में चल रहा था धोखाधड़ी का खेल: कार्तिक और राजा अग्रवाल हैं कंपनी के मुख्य संचालक
स्थानीय छोटी ग्वालटोली थाना पुलिस से प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाली कंपनी का मुख्य कार्यालय रविंद्र नाथ टैगोर मार्ग (RNT Road) पर स्थित एक आलीशान कार्पोरेट हाउस की पांचवीं मंजिल पर संचालित हो रहा था। चिटफंड की तर्ज पर अवैध रूप से काम करने वाली इस कंपनी का मुख्य संचालन कार्तिक अग्रवाल और उसका सगा भाई राजा अग्रवाल (निवासी—नानक नगर) मिलकर करते हैं। दर्ज शिकायत के मुताबिक, मुख्य पीड़ित को जालसाजों ने जाल में फंसाते हुए झांसा दिया था कि यदि वह कंपनी की स्कीम में 10 लाख रुपये का निवेश (इन्वेस्टमेंट) करता है, तो उसे कुछ ही समय में कुल 26 लाख रुपये तक का बंपर मुनाफा कमाकर दिया जाएगा।
📱 आरोपियों ने फोन उठाना किया बंद तो वेस्ट दिल्ली साइबर सेल में हुई शिकायत: सेबी (SEBI) से रजिस्टर्ड होने का करते थे दावा
जब पीड़ित ने आरोपियों के लुभावने वादे पर भरोसा करके अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई कंपनी में लगा दी, तो उसके बाद से ही आरोपियों की नीयत डोल गई। तय समय सीमा बीतने के बाद जब पीड़ित ने अपने पैसे और मुनाफे की मांग की, तो नामजद आरोपियों ने पीड़ित का फोन उठाना पूरी तरह बंद कर दिया और दफ्तर से भी गायब रहने लगे। खुद को ठगा हुआ महसूस कर पीड़ित ने तुरंत इस मामले की लिखित शिकायत पश्चिमी दिल्ली (Western Delhi) की साइबर क्राइम पुलिस को दर्ज कराई। मंगलवार को दिल्ली पुलिस की टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर इंदौर के इस कार्यालय में औचक दबिश दी और मौके पर काम कर रहे सभी महिला व पुरुष कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, कंपनी प्रबंधन द्वारा खुद को सेबी (SEBI) से पूरी तरह रजिस्टर्ड होने का बड़ा दावा भी किया जा रहा है, जिसकी वैधानिक जांच अब पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।